चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के उफान और बाढ़ के बाद अब प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है। प्रभावित लोगों तक भोजन और आवश्यक सहायता पहुंचाने के लिए मध्यप्रदेश प्रशासन की ओर से बड़े स्तर पर भोजन के पैकेट तैयार कराए जा रहे हैं। सुबह से ही भोजन तैयार करने का काम लगातार जारी है और तैयार पैकेटों को प्रभावित क्षेत्रों में जरूरतमंद लोगों तक वितरित कराया जा रहा है। बाढ़ के कारण चित्रकूट के कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। जलस्तर कम होने के बाद अब प्रशासन के सामने जलभराव, पेयजल व्यवस्था और क्षतिग्रस्त सड़कों को सामान्य करने की चुनौती है। राहत टीमों के साथ स्थानीय प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में जुटा हुआ है।
मंदाकिनी के जल प्रलय का कलेक्टर-SP ने लिया जायजा
मंदाकिनी नदी में आई भीषण बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए सतना जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक चित्रकूट पहुंचे। उनके साथ चित्रकूट SDOP भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर बाढ़ से हुए नुकसान और राहत कार्यों की स्थिति की जानकारी ली अधिकारियों ने मौके पर मौजूद अमले से राहत एवं पुनर्वास संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी ली तथा प्रभावित लोगों तक आवश्यक सहायता पहुंचाने पर जोर दिया। बाढ़ के बाद क्षतिग्रस्त सड़कों और जलभराव वाले इलाकों को लेकर भी स्थिति का जायजा लिया गया।
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कटवारिया-बरौंधा मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त, आवागमन बंद
बाढ़ और तेज बारिश का असर सड़कों पर भी देखने को मिल रहा है। कटवारिया से बरौंधा मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। मार्ग की स्थिति खराब होने के कारण इस रास्ते से आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। क्षतिग्रस्त सड़क पर पर्याप्त बैरिकेडिंग नहीं होने से दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षतिग्रस्त हिस्से पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाना जरूरी है, ताकि कोई वाहन या राहगीर अनजाने में दुर्घटना का शिकार न हो।
भरगवा-दलेला मार्ग पर बाइक सवार की मौत के बाद उठे सवाल
मझगवां थाना क्षेत्र में भी बाढ़ और बारिश से क्षतिग्रस्त भरगवा-दलेला मार्ग पर हादसा हो चुका है। बताया गया कि क्षतिग्रस्त सड़क से गुजरते समय एक बाइक सवार युवक गिर गया था, जिससे उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद क्षतिग्रस्त मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था और बैरिकेडिंग को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि जिन सड़कों पर आवागमन खतरनाक हो चुका है, वहां तत्काल बैरिकेडिंग कर चेतावनी संकेत लगाए जाएं और जब तक सड़क की मरम्मत नहीं होती, तब तक लोगों को सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराया जाए।
नगर परिषद में जलभराव दूर करने का काम जारी
बाढ़ का पानी कम होने के बाद चित्रकूट नगर परिषद क्षेत्र में जलभराव की समस्या दूर करने के प्रयास भी लगातार जारी हैं। नगर परिषद का अमला पानी निकालने और प्रभावित क्षेत्रों को सामान्य स्थिति में लाने में जुटा हुआ है। इसके साथ ही जलस्रोतों के शुद्धिकरण का काम भी शुरू कर दिया गया है। बाढ़ के बाद दूषित पानी से संक्रमण का खतरा देखते हुए जलस्रोतों की सफाई और शुद्धिकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सुधार होने तक टैंकरों से होगी पेयजल सप्लाई
प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से टैंकरों के माध्यम से पानी की सप्लाई जारी रखी जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक, जब तक जलस्रोतों की स्थिति पूरी तरह सामान्य और सुरक्षित नहीं हो जाती, तब तक जरूरत वाले क्षेत्रों में टैंकरों से पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों तक भोजन और पेयजल पहुंचाने के साथ-साथ क्षतिग्रस्त सड़कों को सुरक्षित करना, जलभराव दूर करना और बाढ़ के बाद उत्पन्न परिस्थितियों को जल्द से जल्द सामान्य करना है।
अफसर रख रहे नजर।
पानी का वितरण नियमित किया जा रहा है।