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सतना में बारिश का कहर: मझगवां-पहाड़ीखेरा मार्ग पर चकरा और चहला नाले के रपटे टूटे, आवागमन पर संकट

Sun, 30 Aug 2026 03:51 PM IST
सतना ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतना

सार

लगातार तेज बारिश से मझगवां-पहाड़ीखेरा मार्ग पर चकरा और चहला नाले के रपटे क्षतिग्रस्त होकर टूट गए। इससे ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित होने की आशंका है। जलस्तर फिलहाल कम है, लेकिन दोबारा बारिश होने पर खतरा बढ़ सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है। 
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सतना में बारिश - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जिले में लगातार हुई तेज बारिश का असर अब ग्रामीण क्षेत्रों के संपर्क मार्गों पर भी दिखाई देने लगा है। मझगवां-पहाड़ीखेरा मार्ग पर चकरा और चहला नाले के दोनों रपटे तेज बारिश के दौरान क्षतिग्रस्त होकर टूट गए हैं। रपटों के टूटने से इस महत्वपूर्ण मार्ग पर आवागमन बाधित होने की स्थिति बन गई है।

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जानकारी के अनुसार मझगवां-पहाड़ीखेरा मार्ग पर स्थित चकरा और चहला नाले में बारिश के दौरान पानी का बहाव काफी बढ़ गया था। तेज बहाव के चलते दोनों स्थानों पर बने रपटों को नुकसान पहुंचा और रपटे टूट गए हालांकि अब नालों का जलस्तर काफी कम हो गया है, लेकिन रपटों के क्षतिग्रस्त होने के कारण मार्ग की स्थिति सुरक्षित नहीं रह गई है। पानी कम होने के बाद क्षतिग्रस्त रपटों की तस्वीर सामने आई है।

आवागमन में आ सकती है बड़ी बाधा
मझगवां-पहाड़ीखेरा मार्ग आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इस मार्ग से रोजाना ग्रामीणों सहित दोपहिया और चार पहिया वाहन गुजरते हैं। रपटों के टूटने के बाद लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है विशेष रूप से यदि आने वाले दिनों में दोबारा तेज बारिश होती है और नालों का जलस्तर बढ़ता है, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। ऐसे में मार्ग से गुजरने वाले लोगों के लिए खतरा भी बढ़ सकता है।
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जलस्तर घटा, लेकिन खतरा बरकरार
फिलहाल दोनों नालों में पानी का जलस्तर कम हो गया है। इसके बावजूद रपटों के टूटे हिस्से लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। बारिश के मौसम में नालों का जलस्तर अचानक बढ़ने की संभावना रहती है, इसलिए प्रशासन और संबंधित विभाग के लिए क्षतिग्रस्त रपटों की स्थिति का तत्काल निरीक्षण करना जरूरी माना जा रहा है।

ग्रामीणों ने जल्द मरम्मत की मांग की
स्थानीय लोगों का कहना है कि रपटों के टूटने से मार्ग पर आवागमन प्रभावित होगा। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से मौके का निरीक्षण कर क्षतिग्रस्त रपटों की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है। लोगों की मांग है कि जब तक रपटों की मरम्मत नहीं हो जाती, तब तक मार्ग पर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की जाए और लोगों को क्षतिग्रस्त हिस्से से गुजरने से रोका जाए, ताकि किसी दुर्घटना की स्थिति न बने।
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बारिश ने खोली ग्रामीण मार्गों की स्थिति
लगातार हो रही बारिश ने जिले के कई ग्रामीण संपर्क मार्गों और पुल-पुलियों की स्थिति को प्रभावित किया है। मझगवां-पहाड़ीखेरा मार्ग पर चकरा और चहला नाले के रपटों का टूटना भी इसी बारिश का असर माना जा रहा है। अब निगाह इस बात पर है कि संबंधित विभाग क्षतिग्रस्त रपटों की मरम्मत कब तक शुरू करता है और आवागमन को सुरक्षित बनाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

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