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MP News: सतना में रेल हादसा, चलती ट्रेन से अलग हुई तीन बोगियां, आधी रात जंगल में फंसे यात्री; मचा हड़कंप

Mon, 27 Oct 2025 03:35 PM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल

सार

सूचना मिलने पर रेलवे दल मौके पर पहुंचा और फंसे यात्रियों को अन्य कोचों में शिफ्ट कर राहत कार्य शुरू किए। तकनीकी जांच जारी है ताकि घटना के कारणों का पता लगाया जा सके। लगभग चार घंटे बाद सुबह 7 बजे ट्रेन को आगे रवाना किया गया।
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घटना के बाद दो भागों में बंटी ट्रेन। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्य प्रदेश के सतना में बड़ा हादसा होते होते बच गया। कपलिंग टूटने से चलती ट्रेन की तीन बोगियां अलग हो गईं। इस घटना से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही रेल अधिकारी-कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया। करीब चार घंटे जंगल के बीच में यात्री फंसे रहे। इसके बाद ट्रेन को आगे रवाना किया गया।

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सतना मानिकपुर रेल खंड के बीच देर रात ट्रेन हादसा हो गया। मझगवां और ठिकरिया स्टेशन के बीच रात करीब 2.55 बजे एलटीटी मुंबई से भागलपुर (12336) जा रही यात्री ट्रेन की तीन बोगियां अलग हो गईं, जिसके बाद रेलवे अधिकारियों के मुताबिक एस-1 कोच की कपलिंग टूटने से जनरल कोच और उससे जुड़ा गार्ड यान अलग हो गया दुर्घटना के एलटीटी-भागलपुर एक्सप्रेस दस किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार के कासन पर चल रही थी। लिहाजा बड़ा हादसा होते-होते टल गया।

राहत एवं आगे की कार्रवाई हुई शुरू
देर रात सूचना के मिलते ही स्थानीय रेलवे टीम तुरंत सक्रिय हो गई। एरिया मैनेजर नरेश सिंह, स्टेशन मास्टर अब्दुल मतीन, कमर्शियल एवं सीएनडब्ल्यू स्टाफ, आरपीएफ-जीआरपी सहित टेक्निकल टीम मौके पर पहुंचे एस-1 कोच को अलग कर डाउन-ट्रैक को पुनः चालू किया गया। वहीं एस-1 कोच में सवार यात्रियों को अन्य कोचों में स्थानांतरित कर दिया गया। बाकी दो जनरल बोगियों को पुनः जोड़ा गया और सुबह लगभग सात बजे ट्रेन को आगे रवाना कर दिया गया।
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क्या रहा कारण और आगे की जांच
रेल अधिकारियों का कहना है कि यह घटना कपलिंग टूटने के कारण हुई है, जिसका कारण अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया है और विस्तृत तकनीकी जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी घटनाओं से यात्रियों के जान-माल को जोखिम हो सकता है। इसलिए रैक-मेंट, कपलिंग तथा अन्य तकनीकी उपकरणों की समय-समय पर जांच बहुत जरूरी है फिलहाल यह जांच का विषय है।
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क्या रही यात्रियों की स्थिति
घटना के बाद कई यात्रियों में अलग होने के तुरंत बाद हड़कंप मच गया। किसी के घायल होने की सूचना नहीं है और कोई जानमाल की हानि की घटना भी नहीं हुई। दृष्टांत यह है कि यदि ट्रेन की गति अधिक होती तो परिणाम गंभीर हो सकते थे लेकिन ट्रेन की गति धीमी होने की वजह से बड़ी घटना टल गई है।

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