सागर शहर के कैंट थाना क्षेत्र में दो दिन पूर्व हुई कार ड्राइवर दीपचंद साहू की हत्या के मामले में गुरुवार को पुलिस ने बड़ा खुलासा कर दिया है। पुलिस ने हत्या के इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस पूरी वारदात में मुख्य साजिशकर्ता वह व्यक्ति निकला है, जिसकी पत्नी की कार मृतक चलाता था।
शिक्षिका से ड्राइवर की हंसी मजाक बनी हत्या का कारण
मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि हत्या की वजह ड्राइवर का शिक्षिका से हंसी-मजाक करना और बात करना था। इससे चिढ़कर उसके पति ने 1 लाख रुपए की सुपारी देकर अपने साले और अन्य लड़कों से यह हत्या करवाई थी। इस पूरे घटनाक्रम में दुखद पहलू यह है कि मृतक की 4 दिसंबर को शादी होनी थी। मृतक दीपचंद (33) करीब 4-5 साल से आरोपी की पत्नी की कार चलाता था। वह उन्हें रोजाना स्कूल ले जाने-लाने का काम करता था। इस दौरान वह शिक्षिका से हंसी-मजाक कर बात करता था। यह बात शिक्षिका के पति अनिल को खटकती थी और वह पत्नी पर संदेह करने लगा था।
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पति ने रची साजिश
इस मुख्य साजिशकर्ता आरोपी ने करीब 1 महीने पहले ग्राम कर्रापुर निवासी साले के साथ मिलकर ड्राइवर को रास्ते से हटाने की साजिश रची। इसके लिए उन्होंने नए लड़कों को शामिल किया। इनमें कर्रापुर, करीला और भाग्योदय क्षेत्र के युवक शामिल थे।
एक लाख में दी थी सुपारी 20 हजार एडवांस
आरोपी ने हत्या के लिए 1 लाख रुपए देने की बात कही थी। इसमें से 20 हजार रुपए उसने आरोपी सुरेंद्र को एडवांस दे दिए थे। बाकी रकम काम होने के बाद दी जानी थी। साजिश के तहत आरोपी ने 17 नवंबर की सुबह दीपचंद को शाम को कार में ऑइल डलवाने के लिए भगवानगंज स्थित कार पार्लर जाने को कहा। शाम करीब 5.30 बजे जैसे ही दीपचंद कार लेकर वहां पहुंचा, पहले से रैकी कर रहे बाइक सवार बदमाशों ने उसे घेर लिया और पीछे से चाकू घोंपकर हत्या कर दी।
इस वारदात में शामिल आरोपियों में तीन आरोपी 12वीं के छात्र हैं। वारदात के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और अनिल खटीक को हिरासत में लिया। इसके बाद पूरा राज खुल गया। पुलिस ने दमोह और सागर से सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
4 दिसंबर को थी शादी
मृतक के भाई संतोष साहू ने बताया कि दीपचंद की 4 दिसंबर को शादी थी। घटना के अगले ही दिन यानी 18 नवंबर को गोद भराई की रस्म होनी थी। घर में कार्ड छप चुके थे और रिश्तेदार आ गए थे, लेकिन खुशियों वाले घर में मातम पसर गया।