हरिसिंह गौर यूनिवर्सिटी लाइब्रेरी में ऑनलाइन सिस्टम की शुरुआत।
सागर जिले के डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय के जवाहरलाल नेहरू पुस्तकालय में किताबों को लेना और जमा करना ऑनलाइन पद्धति से शुरू हो गया है। किताबों की सुरक्षा के लिए अब आरएफआईडी तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। सभी पुस्तकों और संदर्भ ग्रंथों की जानकारी ऑनलाइन सिस्टम पर अपलोड कर दी गई है। जिससे विद्यार्थी, शोधार्थी और शिक्षक विश्वविद्यालय में उपलब्ध पुस्तकों के बारे में ऑनलाइन जानकारी प्राप्त कर सकेंगे और अपने कार्ड पर उन्हें ले सकेंगे।
ओपेक सिस्टम से समृद्ध हो रहा विश्वविद्यालय
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता ने रंगनाथन भवन में ऑनलाइन ओपेक सिस्टम का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि लाइब्रेरी ऑटोमेशन आधुनिक पुस्तकालय की पहचान है। दुनिया की बेहतरीन लाइब्रेरियां इसी सिस्टम से संचालित हो रही हैं। हमारा विश्वविद्यालय अब इस सिस्टम को अपनाकर समृद्ध हो रहा है और प्रगति का एक नया मुकाम हासिल कर चुका है।
लाइब्रेरी की हर किताब का कंटेंट भी ऑनलाइन हो गया है
कुलपति प्रो. गुप्ता ने बताया कि लाइब्रेरी में अभी 4 लाख किताबें हैं। इन्हें इस तरह से ऑनलाइन तैयार किया गया है कि विद्यार्थी को जिस विषय की किताब चाहिए, उस विषय का की-वर्ड डालते ही उससे जुड़ी सारी किताबें उपलब्ध हो जाएंगी। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि इन किताबों के कंटेंट भी साथ में अपलोड किए जाएं ताकि विद्यार्थी यह चुन सकें कि जो कंटेंट उन्हें चाहिए, वह किस किताब में मिलेगा।
किताब किसके पास है, यह भी पता कर सकेंगे
नई व्यवस्था से यह भी पता चलेगा कि कौन-सी किताब किसके पास है। विद्यार्थी और शिक्षक इसे पहले से ही बुक कर सकेंगे, और जैसे ही वह किताब वापस लौटेगी, संबंधित व्यक्ति को ही वह किताब अलॉट की जाएगी।
सभी प्रकार की जानकारी ईमेल से मिल सकेगी
लाइब्रेरी से जुड़ी सभी प्रकार की जानकारी संबंधितों को ईमेल पर मिलती रहेगी। ई-सामग्री भी उपलब्ध होगी। विद्यार्थी की लाइब्रेरी में पहुंचते ही एंट्री होगी, और वह कितनी देर लाइब्रेरी में रुका, इसका डेटा भी अब उपलब्ध रहेगा।