मध्यप्रदेश के सागर जिले के खुरई ग्रामीण अंतर्गत बरोदिया नौनागिर गांव में आज दो घटनाक्रम में चाचा भतीजी की मौत हो गई। दो पक्षों के झगड़े में रविवार तड़के चाचा की मौत हो गई। पीएम के बाद शव लेकर एंबुलेंस से जा रही भतीजी ने एंबुलेंस से कूदकर अपनी जान दे दी। इस परिवार के हत्याकांड से राजनीतिक हलचल बढ़ी है। पिछले साल बरोदिया नौनागिर में इसी अहिरवार परिवार में एक हत्या हुई थी। इसमें न्याय दिलाने पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह गांव में आए थे और यह घटनाक्रम चर्चा में आया था।
बरोदिया नोनागिर गांव में पुराने मामले में राजीनामा करने की बात को लेकर दो पक्षों में शनिवार रात जमकर विवाद हो गया। इस दौरान आरोपियों ने धारदार हथियार से हमला कर राजेंद्र पिता रामसेवक अहिरवार को गंभीर रूप से घायल कर दिया। घायल पप्पू रजक और राजेंद्र अहिरवार को घायल अवस्था में सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद राजेंद्र अहिरवार को गंभीर हालत में जिला अस्पताल सागर रेफर किया गया। जहां से उसे भोपाल रेफर किया गया था, लेकिन रास्ते में ही रविवार तड़के उसकी मौत हो गई।
एंबुलेंस से कूदी भतीजी
इस घटना के बाद मृतक राजेंद्र अहिरवार की भतीजी अंजना अहिरवार अपने चाचा के शव वाहन में बैठकर अपने गांव जा रही थी। तभी रास्ते में वह चलते हुए शव वाहन से कूद गई। जिससे उसकी मौत हो गई। प्रत्यक्ष दर्शियों के अनुसार युवती खुरई में केके पैलेस के पास शव वाहन से कूद गई। उसे सिर-पैर व अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई थीं। उसे जिला अस्पताल लाए जहां पर उसकी मौत हो गई।
पूरे मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लोकेश सिन्हा का कहना है कि पुराने विवाद के राजीनामा को लेकर ये पूरा घटनाक्रम हुआ है। इसमें पहले चाचा राजेंद्र अहिरवार की धारदार हथियार से हत्या और फिर भतीजी अंजना ने शव वाहन से कूदकर आत्महत्या कर ली। इन दोनों मामले की जांच की जा रही है। राजेंद्र अहिरवार के मामले में आधा दर्जन लोगों पर मामला दर्ज किया गया है। लड़की की मौत की जांच की जा रही है। उधर राजेंद्र के पिता की रिपोर्ट पर आशिक कुरैशी, बबलू बेना, इसराइल बेना, फहीम खान, टंटु कुरैशी पर खुरई देहात थाने में मामला दर्ज कराया गया है।
पहले भी चर्चा में रहा बरोदिया नोनगिर
बता दें कि बरोदिया नोनागिर पहले भी सुर्खियों में रह चुका है, जहां विधानसभा चुनाव के पहले 23 अगस्त 2023 को राजेंद्र अहिरवार के भतीजे नितिन उर्फ लालू अहिरवार की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। राजेंद्र अहिरवार की मां को गांव में निर्वस्त्र करके पीटा गया था। घटना के बाद से ही इस मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया था और प्रदेश के कई नेताओं का दौर गांव में हुआ था। जिसके सभी आरोपी अभी जेल में हैं।
पिछले साल इस घटना के पीड़ितों को न्याय दिलाने पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह बरोदिया नोनगिर आए थे। उस समय अंजना और उसकी मां से दिग्विजय सिंह ने राखी बंधवाई। और उस समय दिग्गी बोले थे में भाई और मामा का फर्ज निभाऊंगा। आप लोगों को न्याय दिलवाकर ही दम लूंगा। आज से यह मेरा परिवार है।
दिग्विजय सिंह आएंगे फर्ज निभाने
अब जिस परिवार से राखी बंधवाई थी उसी परिवार में फिर हत्या हुई है। साथ ही भतीजी और दिग्विजय सिंह की मुंहबोली भांजी अंजना ने एंबुलेंस से कूदकर आत्महत्या कर ली। सोमवार को अंतिम संस्कार होगा। एक दफा फिर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह बरोडिया नोनगीर आ रहे हैं। घटना की खबर लगते ही जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष आनंद अहिरवार, सेवादल अध्यक्ष सिंटू कटारे, रामकुमार पचौरी, नितिन पचौरी, धर्मेंद्र अहिरवार सहित अनेक हॉस्पिटल पहुंचे। पीड़ित पक्ष को न्याय दिलाने की मांग की और पुलिस प्रशासन से चर्चा की।