देवरी स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ डॉक्टर पराग ने बताया कि 108 एंबुलेंस द्वारा एक दिन की जन्मी मासूम बच्ची को देवरी स्वास्थ्य केंद्र लाया गया है। बच्ची के शरीर पर चोटें थीं और वह धूल में सनी हुई थी, जिसे साफ कर इलाज किया जा रहा है।
सागर जिले के देवरी थाना अंतर्गत मंगलवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। एक मां ने अपनी नवजात बच्ची को टॉवल में लपेटकर सड़क किनारे झाड़ियों में छोड़ दिया। सड़क मार्ग से जा रहे राहगीरों ने रोने की आवाज सुनी। उन्होंने पास जाकर देखा तो उन्हें झाड़ियों में कपड़े की टॉवल में लिपटी नवजात दिखी। लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और नवजात को सकुशल बरामद कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवरी के शिशु वार्ड में भर्ती कराया गया।
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देवरी स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ डॉक्टर पराग ने बताया कि 108 एंबुलेंस द्वारा एक दिन की जन्मी मासूम बच्ची को देवरी स्वास्थ्य केंद्र लाया गया है। बच्ची के शरीर पर चोटें थीं और वह धूल में सनी हुई थी, जिसे साफ कर इलाज किया जा रहा है। फिलहाल बच्ची स्वस्थ है, जिसकी देखरेख डॉक्टरों द्वारा की जा रही है।
वहीं, प्रत्यक्षदर्शी राहगीर किशोर यादव ने बताया कि ग्राम कोपरा के पास एक किसान काफी परेशान हो रहा था और वाहनों को रोक रहा था। मैं वहां से मोटरसाइकिल से रहली से देवरी जा रहा था। मैंने मोटरसाइकिल रोकी तो किसान ने बताया कि एक बच्ची रहली-देवरी मार्ग पर ग्राम कोपरा के पास झाड़ियों में कंटीले तारों में फंसी हुई थी, जिसे निकालकर 108 एंबुलेंस को सूचना दी गई और देवरी स्वास्थ्य केंद्र लाया गया।