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Sagar: सागर विवि के संस्थापक डॉ. हरिसिंह गौर को मिले भारत रत्न, सांसद ने गृह मंत्री अमित शाह से की मुलाकात

Sun, 08 Dec 2024 10:33 PM IST
सागर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर

सार

सागर सांसद श्रीमती लता गुड्डू वानखेड़े ने केंद्रीय मंत्री अमित शाह से मिलकर डॉ. सर हरिसिंह गौर को मरणोपरांत 'भारत रत्न' देने की मांग की। डॉ. गौर सागर विश्वविद्यालय के संस्थापक और भारतीय संविधान सभा के सदस्य थे। उन्होंने अपनी संपत्ति दान कर बुंदेलखंड और सागर क्षेत्र में शिक्षा को बढ़ावा दिया, ताकि समाज का सर्वांगीण विकास हो सके।

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मुलाकात
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विस्तार
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सागर सांसद लता गुड्डू वानखेड़े ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह से भेंट कर डॉ. सर हरिसिंह गौर को मरणोपरांत भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' प्रदान करने की मांग की। उन्होंने इसे सागर और बुंदेलखंड क्षेत्र की वर्षों पुरानी आकांक्षा बताते हुए इस प्रस्ताव को सौंपा।

डॉ. सर हरिसिंह गौर सागर विश्वविद्यालय के संस्थापक और कुलपति थे। वे विधि के क्षेत्र में ख्यातिप्राप्त विशेषज्ञ, मेधावी व्यक्तित्व, दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति, और भारतीय संविधान सभा के सदस्य थे। उन्होंने सागर की सामाजिक और शैक्षिक स्थिति सुधारने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।

शैक्षणिक और सामाजिक योगदान:

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डॉ. गौर ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सागर, जबलपुर, और नागपुर में प्राप्त की और उच्च शिक्षा के लिए कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में दाखिला लिया। वे विधि के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुके थे। सागर नगर में लौटकर उन्होंने अपनी संपूर्ण अर्जित संपत्ति दान कर सागर विश्वविद्यालय की स्थापना की। उनका उद्देश्य था कि बुंदेलखंड और सागर क्षेत्र के गरीब, पिछड़े और महिलाओं को उच्च शिक्षा से वंचित न रहना पड़े।

डॉ. गौर की ख्याति न केवल भारत में बल्कि विश्व स्तर पर भी प्रसिद्ध है। उन्होंने सागर को अपनी शिक्षा और योगदान से एक पहचान दी। उन्होंने शिक्षा के माध्यम से समाज के सर्वांगीण विकास का सपना देखा और इसे साकार करने के लिए अपनी पूरी संपत्ति समर्पित कर दी।

सांसद ने डॉ. गौर की इन महान उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि उन्हें 'भारत रत्न' से विभूषित करना न केवल न्यायोचित होगा, बल्कि उनके ऐतिहासिक योगदान को सम्मानित करने का भी प्रतीक होगा।

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