सागर जिले में आने वाली ग्राम पंचायतों में होने वाले निर्माण कार्यों में सामग्री सप्लाई के फर्जी बिल लगाकर रॉयल्टी चोरी के मामले में खिमलासा के रहने वाले नंदकिशोर पटवा ने बताया कि वे पिछले कई सालों से सागर कलेक्टर एवं जिला सीईओ को आवेदन करके शिकायत करते रहे हैं कि फर्जी बिलों के माध्यम से रॉयल्टी चोरी की जा रही है लेकिन फिर भी अब तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
पटवा द्वारा दिए गए आवेदन में उल्लेख किया गया है कि ग्राम पंचायतों द्वारा रेता एवं गिट्टी के फर्जी बिल लगाकर बिना रॉयल्टी के सरकारी भुगतान निकाला जा रहा है और इसके लिए भुगतान के फर्जी बिल भी आवेदन के साथ लगाए गए हैं। इनके आवेदन पर कार्रवाई करते हुए जिला सीईओ पीसी शर्मा ने 9 अगस्त को बीना, खुरई, मालथौन, सागर, जनपद पंचायत सीईओ को 20 दुकानदारो पर एफाईआर करने के लिखित आदेश दिए हैं।
जिले में निर्माण कार्यों में रेता और गिट्टी के बगैर फर्जी बिलों के जरिये रॉयल्टी का बहुत बड़ा काला कारोबार किया जा रहा है। जमीनी हकीकत यह है कि जो फर्म है ही नहीं उसके नाम पर फर्जी फर्म बनाकर रेता एवं गिट्टी की सप्लाई पंचायतों में बताई जाकर सरकारी भुगतान लिया जा रहा है। इतना ही नहीं फर्जी बिलों का यह धंधा इतना फैला हुआ है कि सैकड़ों लोगों ने फर्जी फर्म बना ली है, जो सिर्फ कमीशन पर पैसों का लेनदेन कर रही है, जिसमें पंचायत से लेकर जनपद पंचायत एवं जिला पंचायत के जिम्मेदार अधिकारी मिल-बांटकर सरकार को आर्थिक हानि पहुंचा रहे हैं। आवेदक के पास मामले में शामिल 100 से ज्यादा दुकानदारों की लिस्ट है।
मामले में आवेदनकर्ता की शिकायत के बाद जिला सीईओ द्वारा एफआईआर कराए जाने के आदेश दिए जाने के बावजूद जनपद सी.ई.ओ. ने अब तक एफआईआर नहीं कराई है।