मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा में हुए बहुचर्चित जहरीली शराब कांड में करीब 30 लोगों की जान जाने के बाद भी मुख्य आरोपी मनीष लोधी की गिरफ्तारी पुलिस के लिए सिरदर्द बनी हुई है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इतने बड़े हादसे के बाद आरोपी भारी-भरकम बैंक बैलेंस और फर्जी पहचान के सहारे 'तीर्थ यात्रा' के बहाने लगातार अपने ठिकाने बदल रहा है।
मथुरा-वृंदावन से गुजरात तक भागदौड़
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी मनीष लोधी शुरुआत में उत्तर प्रदेश के धार्मिक स्थलों जैसे मथुरा और वृंदावन में छिपकर रह रहा था। जैसे ही सागर पुलिस की टीम उसकी लोकेशन पर दबिश देने पहुंची, वह वहां से निकल भागा। पुलिस को चकमा देते हुए वह राजस्थान के रास्ते गुजरात की तरफ निकल गया है। इस शातिर तरीके से भागने के कारण पुलिस की तलाश का दायरा अब मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश से बढ़कर राजस्थान और गुजरात तक फैल चुका है।
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बैंक खातों के ट्रांजेक्शन और फर्जीवाड़ा
जांच एजेंसियों के हाथ लगे दस्तावेजों से यह खुलासा हुआ है कि फरारी से पहले आरोपी के बैंक खातों में बड़े पैमाने पर ट्रांजेक्शन किए गए हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इन पैसों का इस्तेमाल छिपने और लग्जरी तरीके से भागने में कैसे किया गया। साथ ही, आरोपी पर 'यशवंत लोधी' के नाम से फर्जी पहचान पत्र इस्तेमाल कर पुलिस और आबकारी विभाग को गुमराह करने का भी गंभीर आरोप है।
गिरफ्तार आरोपियों से खुलेंगे राज
मामले में पुलिस ने अब तक रवि लखेरा समेत 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनसे पूछताछ के आधार पर स्पिरिट, बोतलें, ढक्कन और फर्जी क्यूआर कोड सप्लाई करने वाले नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। इस जहरीली शराब के खेल में छापरी गांव के शिवांजय और मनीष लोधी को मुख्य कड़ी माना जा रहा है।
प्रशासन की सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने इस मामले में शिकंजा कसते हुए अब तक 33 लोगों को आरोपी बनाया है। मुख्य आरोपी मनीष लोधी और सिद्धार्थ कुशवाहा की तलाश तेज कर दी गई है। फरार आरोपी सिद्धार्थ कुशवाहा की क्रेशर लीज पहले ही निरस्त की जा चुकी है, और बहेरिया स्थित उसके पेट्रोल पंप की भी जांच की जा रही है।