डिप्टी सीएम का फर्जी प्रतिनिधि हिरासत में
- फोटो : अमर उजाला
प्रदेश के सागर जिले की मोतीनगर थाना पुलिस ने एक ऐसे शातिर ठग को गिरफ्तार किया है, जिसने सरकारी नौकरी के नाम पर प्रदेश के दर्जनों युवाओं को लाखों रुपये का चूना लगाया है। आरोपी अमन पाठक खुद को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा का प्रतिनिधि बताकर रसूख झाड़ता था। पुलिस ने उसे भोपाल के साकेत नगर से फिल्मी स्टाइल में जाल बिछाकर दबोचा है।
पुलिस जांच में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि अमन पाठक इंस्टाग्राम पर महिला के नाम से फर्जी आईडी चलाता था। वह नौकरी के विज्ञापन डालकर युवाओं को आकर्षित करता और फिर उनसे चैटिंग कर झांसे में लेता था। सागर के मकरोनिया, सिविल लाइन और मोतीनगर थानों में उसके खिलाफ कई शिकायतें लंबित थीं।
ये भी पढ़ें: ऑनर किलिंग या...: खेत ले जाकर पिता ने विवाहिता बेटी के सीने पर दाग दी गोली, मां ने पुलिस को दी हत्या की खबर
आरोपी के पास से एक हुंडई वरना कार बरामद हुई है, जिस पर 'प्रतिनिधि उपमुख्यमंत्री' की नेम प्लेट लगी हुई थी। इतना ही नहीं वह खुद को विजयराघवगढ़ विधायक संजय पाठक का रिश्तेदार बताकर भी लोगों पर रौब जमाता था ताकि कोई उसकी सत्यता पर शक न कर सके।
मोतीनगर थाना प्रभारी जसवंत सिंह ने बताया कि आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस ने एक रणनीति अपनाई। पुलिस का एक जवान खुद नौकरी का इच्छुक बनकर अमन के संपर्क में आया। आरोपी ने जवान को पैसे लेकर भोपाल बुलाया और लगातार अपनी लोकेशन बदलता रहा। साइबर सेल ने जब लोकेशन ट्रेक की तो पता चला कि सभी नंबर एक ही फ्लैट से चल रहे हैं। जिसके बाद साकेत नगर स्थित फ्लैट पर दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
एएसपी लोकेश कुमार सिन्हा ने बताया कि गिरफ्तारी के वक्त अमन के साथ एक युवती और कुछ अन्य युवक भी मौजूद थे। पुलिस को अंदेशा है कि यह एक बड़ा गिरोह हो सकता है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ की जा रही है, जिससे ठगी के कई और बड़े मामलों का खुलासा होने की उम्मीद है।