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टैक्सी चालक के घर मिले 3.14 करोड़: जिस रिटायर्ड इंजीनियर की रकम बताई, उसने किया इंकार, बोला- रुपये मेरे नहीं

Mon, 17 Aug 2026 10:04 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर

सार

सागर के तिली तिगड्डा में टैक्सी चालक के घर से बरामद 3.14 करोड़ रुपये पर रिटायर्ड इंजीनियर रमेश अहिरवार ने मालिकाना हक से इनकार किया है। पुलिस ने रकम जब्त कर आयकर विभाग को सूचना दी है। जांच में फोटो में दिखी पिस्टल भी लाइटर निकली। अब पुलिस रकम के असली मालिक की तलाश कर रही है।
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सागर में मिले 3.14 करोड़ का कोई मालिक नहीं मिला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सागर के तिली तिगड्डा में पुलिस को मिले 3.14 करोड़ रुपये रिटायर्ड इंजीनियर के नहीं हैं। इंजीनियर ने इसका खुलासा किया है। लोक निर्माण विभाग से सेवानिवृत्त इंजीनियर और संविदा पर तैनात रमेश अहिरवार ने रकम पर अपना मालिकाना हक होने से पूरी तरह इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि उनका इस रकम से कोई संबंध नहीं है। उनका नाम मामले में बेवजह घसीटा जा रहा है। उनके इंकार के बाद अब पुलिस और जांच एजेंसियां पैसों के असली मालिक का पता लगाने में जुट गई हैं।
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दरअसल पुलिस टीम सोशल मीडिया एक युवक सौरभ अहिरवार के पिस्टल के साथ फोटो देखकर उसकी जांच करने पहुंची थी। मकान की तलाशी के दौरान कमरे में रखी सील अलमारी का लॉक खुलवाया गया, तो उसमें बैगों में भरकर रखी भारी नकदी बरामद हुई थी। पुलिस ने पूरी रकम जब्त कर ली थी। तब सौरभ की दादी ने बताया था कि उनके रिश्तेदार रमेश अहिरवार भोपाल में बड़े अधिकारी रहे हैं। यह रकम उनकी तनख्वाह की है। परिजनों का दावा था कि अलमारी उनके रिश्तेदार सेवानिवृत्त इंजीनियर रमेश अहिरवार की है, जो इसे लॉक करके चाबी साथ ले गए थे। हालांकि अब उन्होंने इस बात से इंकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि उनका इस रकम से कोई संबंध नहीं है और उनका नाम मामले में बेवजह घसीटा जा रहा है। 

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मुश्किल से खोली थी अलमारी
पुलिस जब मकान की तलाशी ले रही थी तब वो पिस्टल खोज रही थी। जब टेप से बंद अलमारी के बारे में पूछा तो परिजनों ने बताया कि इसमें कागजात रखे हैं। चाबी न मिलने पर पुलिस ने अलमारी का लॉक खुलवाया। अंदर कपड़े के बैग रखे थे, जिन्हें खोलने पर नोटों की गड्डियों से भरे बैग मिले। नकदी इतनी अधिक थी कि गिनती के लिए पुलिस को नोट गिनने वाली मशीनें मंगानी पड़ीं। गिनती पूरी होने के बाद अलमारी से कुल 3.14 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए। 
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पिस्टल नहीं, लाइटर था, आयकर विभाग को पत्र लिखा
पिस्टल को लेकर पूछताछ करने पर सौरभ के परिजनों ने स्पष्ट किया कि फोटो में दिख रही वस्तु असली पिस्टल नहीं, बल्कि पिस्टल के आकार का लाइटर थी। सागर के पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने बताया कि राशि जब्त कर परिजनों से पूछताछ की गई। परिजनों द्वारा अलमारी में रखे रुपयों के बारे में अनभिज्ञता जताने पर उन्हें छोड़ दिया गया। पुलिस ने रकम के वास्तविक स्रोत और मालिकाना हक की निष्पक्ष जांच के लिए आयकर विभाग को पत्र लिखा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि दोनों भाई टैक्सी चालक हैं और हाल ही में उन्होंने नया मकान बनवाया है।
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