मध्यप्रदेश के सागर जिले में बहेरिया थाना पुलिस ने ग्राम मझुआ में छापेमारी कर रिहायशी परिसर से भारी मात्रा में व्यावसायिक विस्फोटक बरामद किए हैं। यह परिसर मैगजीन संचालक दुलीचंद पटेल का बताया जा रहा है। पुलिस को यहां अवैध रूप से विस्फोटक जमा करने और बेचने की सूचना मिली थी। जांच में दो अन्य संदिग्धों के नाम भी सामने आए हैं।
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पुलिस ने बहेरिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम मझुआ में छापा मारकर अवैध व्यावसायिक विस्फोटक का बड़ा जखीरा जब्त किया है। पुलिस टीम ने यह कार्रवाई मैगजीन संचालक के रिहायशी परिसर में दबिश देकर की। तलाशी के दौरान पेटियों में छुपाकर रखी गई भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद हुई। पुलिस ने विस्फोटक को नियंत्रण में लेने के साथ ही दो अन्य संदिग्धों की पहचान कर मामले की पड़ताल तेज कर दी है।
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आवासीय परिसर में छापेमारी
बहेरिया थाना क्षेत्र की कर्रापुर चौकी के तहत ग्राम मझुआ में मैगजीन संचालक दुलीचंद पटेल का मकान स्थित है। पुलिस को सूचना मिली थी कि इस परिसर के भीतर गैरकानूनी तरीके से विस्फोटक सामग्री एकत्र कर उसकी बिक्री की जा रही है। पुलिस ने मौके पर दबिश दी और पूरे परिसर की सघन तलाशी शुरू की। तलाशी अभियान के दौरान घर के अंदर रखी पेटियों को खोलने पर पुलिस कर्मी चौंक गए, क्योंकि उनमें बड़े पैमाने पर व्यावसायिक विस्फोटक रखा हुआ था। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने तुरंत सामग्री की वैधानिक जांच प्रक्रिया शुरू कराई।
व्यावसायिक विस्फोटक सामग्री की बरामदगी
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि जब्त किया गया विस्फोटक सामान्य आतिशबाजी या दिवाली के पटाखों में इस्तेमाल होने वाला पदार्थ नहीं है। यह भारी खदानों या निर्माण कार्यों में ब्लास्टिंग के लिए इस्तेमाल होने वाला उच्च क्षमता का कमर्शियल एक्सप्लोसिव है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार बरामद सामग्री अलग-अलग कंपनियों और विभिन्न लॉट की है। इसमें एटीएमएम की फ्रॉड वाली पेटियां और एक इंच मोटर वाले छोटे आकार के विस्फोटक भी शामिल पाए गए हैं। विशेषज्ञ जल्द ही इस विस्फोटक की क्षमता और इससे होने वाले सम्भावित नुकसान का सटीक आकलन करेंगे।
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नेटवर्क से जुड़े दो नए नाम आए सामने
पुलिस ने फिलहाल मैगजीन संचालक दुलीचंद पटेल के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके साथ ही प्रारंभिक पूछताछ और छानबीन के दौरान दो अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस इन दोनों संदिग्धों को अपने रडार पर रखकर उनकी भूमिका की विस्तृत जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक बिना किसी बड़े नेटवर्क के एकत्रित नहीं किया जा सकता था।
सप्लाई चेन और स्रोत की गहन जांच
पुलिस की टीमें अब इस बात का पता लगा रही हैं कि इतनी संवेदनशील और खतरनाक सामग्री कहां से मंगवाई गई थी और इसे किन लोगों को बेचा जाना था। विस्फोटक के अवैध भंडारण और संदिग्ध बिक्री के पूरे जाल को ध्वस्त करने के लिए पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। बरामद विस्फोटक के लॉट नंबर और अन्य विवरणों का सत्यापन पूरा होने के बाद जब्ती की औपचारिक कार्रवाई होगी।