वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिदंबरम ने आरएसएस पर निशाना साधा है। शासकीय परिसरों में संघ की शाखा लगाने और उनमें कर्मचारियों के जाने पर चिदंबरम ने कहा है कि संघ एक राजनीतिक संस्था है। सरकारी कर्मचारियों को खुले तौर पर किसी राजनीतिक पार्टी से नहीं जुड़ना चाहिए।
मध्यप्रदेश में हमारी सरकार आने के बाद हम इस पर लगाम लगाएंगे। सरकारी कर्मचारियों को इनके कार्यक्रमों में जाने से रोका जाएगा। रविवार को इंदौर में थे। प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि संघ कितना भी इनकार करे लेकिन उसका सिर्फ राजनीतिक एजेंडा है। इसीलिए कांग्रेस ने वचनपत्र में शासकीय परिसरों में शाखाएं लगाने पर प्रतिबंध का जिक्र किया है।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा हमें आशा है कि राज्यों में होने वाले चुनावों में हम क्षेत्रीय पार्टियों के साथ गठबंधन बनाने में सफल होंगे। अगर राज्य के विधानसभा चुनावों में यह गठबंधन जीता तो आगामी आम चुनावों में महागठबंधन ही जीतेगा। कांग्रेस नेता ने अपने बेटे कार्ति चिदंबरम पर लगे घोटालों के आरोपों के बारे में प्रश्न करने पर कहा कि यह सवाल पूछकर आप अपना समय बर्बाद कर रहे हैं। वह इस बारे में कुछ नहीं बोलेंगे।
गौरतलब है कि कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार को जारी किये गए अपने वचन पत्र में कहा है कि सरकार बनने पर शासकीय परिसरों में संघ की शाखाएं लगाने पर प्रतिबंध लगेगा और सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों के शाखाओं में जाने की छूट संबंधी आदेश को निरस्त किया जाएगा। इसके बाद से भाजपा और कांग्रेस के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि संघ की सोच को आज तक कोई चुनौती नहीं दे पाया।
आतंकी संगठनों के खिलाफ कभी कांग्रेसी खड़े नहीं होते। जनता सब समझती है और वो अब जवाब देगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा, भाजपा चाहती है कि सरकारी अधिकारी-कर्मचारी अपनी मर्जी के विपरीत संघ की शाखाओं की लाइन में लगें, जबकि हम चाहते हैं कि वे दफ्तरों में बैठें ताकि जनता अपने कामों के लिए लाइनों में न लगे, परेशान न हो। प्राथमिकता अपनी-अपनी।