छिंदवाड़ा में शव को स्ट्रेचर पर ले जाने के लिए 400 मांगे गए। जिसके बाद पिता ने मजबूरी में महिला वार्ड कर्मचारी को 100 रुपये दिए, तब वह स्ट्रेचर पर शव ले जाने के लिए तैयार हुई। पूरा मामला कुछ इस तरह का है कि चौरई के करलई निवासी आशाडू सरेआम की बेटी द्रौपदी सरेआम ने अज्ञात कारण से अपने घर में रखा सफाया जहर पी लिया था।
परिजन उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर आए थे, जहां पर उसकी मौत हो गई थी। मौत के बाद अस्पताल की यूडीएस वार्ड कर्मचारी ममता ने स्टेचर पर ले जाने के लिए 400 रुपए की मांग की। परिजन ने 100 रुपए देकर शव को मोर्चरी तक पहुंचाया। मामला सामने आने के बाद संबंधित महिला कर्मचारी का कहना है कि उसने कोई पैसे की डिमांड नहीं की और ना ही पैसे लिए हैं। वहीं इस सारे मामले को लेकर डॉक्टर टांडेकर का कहना है कि यह शिकायत सामने आई है, जिसकी जांच की जाएगी।