सार
जवा विकासखंड में प्रभारी कलेक्टर सपना त्रिपाठी को नाबालिग बच्ची की शादी की सूचना मिली, जिसके बाद उन्होंने तुरंत महिला एवं बाल विकास, पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम को कार्रवाई के निर्देश दिए। टीम मौके पर पहुंची, जहां शादी की पूरी तैयारी हो चुकी थी।
रीवा जिले के जवा विकासखंड से एक संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां प्रशासन और स्वयंसेवी संस्थाओं की तत्परता से एक नाबालिग बच्ची की शादी समय रहते रोक दी गई। मंडप सज चुका था और बारात आने वाली थी, तभी प्रशासन मौके पर पहुंच गया और पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया।
जानकारी के मुताबिक, प्रभारी कलेक्टर श्रीमती सपना त्रिपाठी को जवा क्षेत्र में एक नाबालिग बच्ची के विवाह की सूचना मिली। उन्होंने तुरंत मामले को गंभीरता से लेते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम को कार्रवाई के निर्देश दिए। निर्देश मिलते ही प्रशासनिक टीम बिना देरी किए मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। उस समय शादी की पूरी तैयारी हो चुकी थी और बारात आने की तैयारी चल रही थी।
स्वयंसेवी संस्थाओं का अहम सहयोग
इस कार्रवाई में स्थानीय प्रशासन के साथ अहिंसा वेलफेयर सोसाइटी और समग्र जन चेतना विकास परिषद की टीम ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने परिवार के लोगों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। टीम ने परिजनों को बाल विवाह के दुष्परिणाम और इसके कानूनी प्रावधानों के बारे में विस्तार से बताया। अधिकारियों ने समझाया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत 18 साल से कम उम्र की लड़की की शादी कराना अपराध है और इसके लिए सख्त सजा का प्रावधान है।
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समझाइश के बाद माने परिजन
प्रशासन और संस्थाओं की समझाइश के बाद परिजनों को अपनी गलती का अहसास हुआ और उन्होंने शादी रोकने पर सहमति दे दी। मौके पर ही प्रशासन ने पंचनामा तैयार किया और परिजनों से लिखित में यह आश्वासन लिया कि बच्ची के बालिग होने तक उसकी शादी नहीं की जाएगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया कि बच्ची सुरक्षित है और उसके अधिकारों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। अधिकारियों ने परिजनों को स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर भविष्य में फिर ऐसा प्रयास किया गया तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।