शिक्षिका ने छात्र को बेरहमी से पीटा
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जिले से एक निजी स्कूल की अमानवीय और शर्मनाक तस्वीर सामने आई है, जिसने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जेंटल शेफर्ड हायर सेकंडरी स्कूल की एक शिक्षिका पर 5वीं कक्षा में पढ़ने वाले 11 वर्षीय छात्र के साथ बर्बर मारपीट का आरोप लगा है। परिजनों के मुताबिक होमवर्क पूरा न करने से नाराज शिक्षिका मनीषा विश्वकर्मा ने बच्चे के सिर पर स्टील की वाटर बोतल से वार किया और उसे बार-बार दीवार पर पटक दिया। मारपीट इतनी गंभीर थी कि बच्चे के सिर से खून बहने लगा।
हैरानी की बात यह रही कि खून से लथपथ हालत में भी स्कूल प्रबंधन ने न तो बच्चे को अस्पताल पहुंचाया और न ही परिजनों को घटना की सूचना दी। बच्चा किसी तरह स्कूल से घर पहुंचा, जहां परिजनों को पूरे मामले की जानकारी मिली। पीड़ित छात्र की बहन भी उसी स्कूल में पढ़ती है। जब उसने अपने भाई को पिटता देखा और बचाने की कोशिश की तो आरोप है कि शिक्षिका ने उसके साथ भी मारपीट की।
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पीड़ित छात्र के पिता पुष्पेंद्र पांडेय ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि वे अपनी आर्थिक क्षमता से ज्यादा मेहनत करके बच्चों की फीस भरते हैं, क्या इसका मतलब यह है कि उनके बच्चों के साथ इस तरह की हिंसा की जाए? उनका आरोप है कि घटना के बाद से ही स्कूल प्रबंधन लगातार मामले को दबाने और एफआईआर न कराने का दबाव बना रहा है। बावजूद इसके परिजन थाने से लेकर एसडीओपी कार्यालय तक शिकायत कर चुके हैं और आज थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की तैयारी है।
घटना के बाद बच्चा गहरे मानसिक आघात में है। परिजनों के अनुसार उसे तेज बुखार है, उसने खाना-पीना छोड़ दिया है और स्कूल का नाम सुनते ही वह डर जाता है। दोस्तों के सामने हुई पिटाई से उसके भीतर हीन भावना घर कर गई है। फिलहाल बच्चे का इलाज चल रहा है।
मामले ने राजनीतिक और छात्र संगठनों का ध्यान भी खींचा है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के जिला संयोजक पीएन पांडेय ने प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन उग्र आंदोलन करेगा।