रीवा जिले के गंगेव जनपद के बहुचर्चित कराधान घोटाले में अब एक नया मोड़ आ गया है। आरोपियों की एमपी हाईकोर्ट में पेश हुई रिपोर्ट पर सवाल खड़े हो गए हैं। रिटायर्ड एसडीओपी कपिल द्विवेदी ने कोर्ट को भ्रामक जानकारी देकर मामले को गुमराह किया। कराधान घोटाले के मास्टरमाइंड रजनीश सोनी और अन्य पर दर्ज मामले में रिटायर्ड एसडीओपी मंगराम ने हाईकोर्ट में हलफनामा प्रस्तुत किया था। जानकारी के अनुसार एडिशनल एसपी मंगराम की रिपोर्ट पर संदेह जताते हुए कोर्ट ने शासन से पूछा है कि इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई।
क्या है पूरा मामला
एसडीओपी ने उच्च न्यायालय में दिया था गलत शपथ-पत्र
इस मामले में जब आरोपियों ने अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट जबलपुर में याचिका दायर की, तब रिटायर्ड एसडीओपी कपिल द्विवेदी ने कोर्ट में गलत जानकारी प्रस्तुत कर दी। उनके हलफनामे में कई तथ्य छुपा लिए गए। याचिकाकर्ताओं की रिहाई पर भी सवाल उठे। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने शासन से विस्तृत रिपोर्ट तलब कर ली है।
फिर दायर की गई रिव्यू पिटिशन
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हाईकोर्ट ने शासन से तलब की रिपोर्ट
हाईकोर्ट जस्टिस विशाल मिश्रा की बेंच ने शासन से जवाब मांगा है कि रिटायर्ड एसडीओपी मंगराम द्वारा कोर्ट को गुमराह करने पर क्या कार्रवाई हुई। साथ ही शासन से यह भी पूछा है कि गंगेव जनपद की 38 पंचायतों के फर्जीवाड़े में दोषी पाए गए अधिकारियों और ठेकेदारों के विरुद्ध वसूली की क्या स्थिति है।