इनामी आरोपी मृत्युंजय शर्मा उर्फ इंस्पेक्टर को पुलिस ने दबोच लिया है।
मऊगंज पुलिस ने रविवार को एक बड़ी सफलता हासिल की है। 15 अगस्त 2024 की रात हुई 17 वर्षीय सुमित शर्मा की सनसनीखेज हत्या के मामले में फरार चल रहे 10 हजार रुपए के इनामी आरोपी मृत्युंजय शर्मा उर्फ इंस्पेक्टर को पुलिस ने दबोच लिया है। आरोपी ग्राम देवरी सेंगरान का निवासी बताया जा रहा है।
यह वही मामला है, जिसने पूरे मऊगंज और आसपास के इलाकों को हिला कर रख दिया था। स्वतंत्रता दिवस की रात सुमित शर्मा नामक युवक को किसी अज्ञात व्यक्ति का फोन आया था। वह घर से बाहर निकला, लेकिन फिर कभी लौटकर नहीं आया। अगले दिन सुबह ग्रामीणों ने घर से करीब 300 मीटर दूर खेत में सुमित का लहूलुहान शव देखा। शरीर पर गहरे घावों के निशान थे और हाथ-पैर जले हुए थे। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई कि उसे चाकुओं से गोदा गया था और गर्म रॉड से जलाया गया था।
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पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच में तेजी लाई और कुछ ही दिनों में चौंकाने वाले खुलासे किए। इस हत्या का मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि भाजपा युवा मोर्चा रामपुर मंडल का उपाध्यक्ष दुर्गेश त्रिपाठी निकला। उसके साथ अर्पित त्रिपाठी और अनित त्रिपाठी नामक दो अन्य आरोपी भी शामिल थे। तीनों को पुलिस ने पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि मृतक सुमित शर्मा का अपने पड़ोसी से प्रेम प्रसंग चल रहा था, जिसे लेकर दुर्गेश और उसके साथियों में गहरी रंजिश थी। इसी कारण उन्होंने हत्या की साजिश रची और वारदात को अंजाम दिया।
घटना के बाद से ही मुख्य आरोपी मृत्युंजय शर्मा उर्फ इंस्पेक्टर फरार चल रहा था। पुलिस अधीक्षक ने उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। लगातार ट्रैकिंग और मुखबिर की सूचना के आधार पर रविवार को मऊगंज पुलिस ने उसे पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने घटना में प्रयुक्त चाकू भी बरामद कर जब्त कर लिया है।