मध्य प्रदेश के रीवा शहर में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई से हड़कंप मच गया। ईडी की 4 से 5 सदस्यीय टीम ने वार्ड क्रमांक-5 स्थित पदमधर कॉलोनी के लालता सदन पहुंचकर ठेकेदार कृष्णकांत सोहगौरा और सौरभ सोहगौरा के निवास पर जांच शुरू की।
मध्य प्रदेश के रीवा शहर में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने शहर के वार्ड क्रमांक-5 स्थित पदमधर कॉलोनी में पहुंचकर जांच शुरू की। ईडी की इस कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया और बड़ी संख्या में लोग मौके के आसपास जुटने लगे।
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कृष्णकांत और सौरभ सोहगौरा के निवास पर पहुंची टीम
जानकारी के अनुसार ईडी की 4 से 5 सदस्यीय टीम ने लालता सदन पहुंचकर ठेकेदार कृष्णकांत सोहगौरा और सौरभ सोहगौरा के निवास पर दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच शुरू की। अधिकारी घर के भीतर मौजूद दस्तावेजों की पड़ताल कर रहे हैं और विभिन्न जानकारियां एकत्र की जा रही हैं।
रीवा के चर्चित ठेकेदार हैं कृष्णकांत सोहगौरा
सूत्रों के मुताबिक कृष्णकांत सोहगौरा रीवा के चर्चित ठेकेदारों में गिने जाते हैं। बताया जा रहा है कि वह भाजपा नेता प्रदीप सोहगौरा के भाई हैं। ईडी की कार्रवाई की सूचना मिलते ही क्षेत्र में लोगों के बीच इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई।
ईडी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं
फिलहाल ईडी की ओर से इस कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी या बयान जारी नहीं किया गया है। जांच टीम दस्तावेजों की पड़ताल करने और जरूरी तथ्यों को जुटाने में लगी हुई है। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कार्रवाई किस मामले में की गई है और इसके पीछे क्या कारण हैं।
आधिकारिक जानकारी का इंतजार
फिलहाल पूरे मामले पर सभी की नजरें ईडी की अगली कार्रवाई और आधिकारिक बयान पर टिकी हुई हैं। जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले से जुड़े तथ्यों और कार्रवाई के कारणों का खुलासा हो पाएगा।