लोकायुक्त रीवा की टीम ने मऊगंज जिले के अपर कलेक्टर अशोक कुमार ओहरी को 5000 रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई ग्राम खूझ के निवासी रामनिवास तिवारी की शिकायत पर की गई, जिन्होंने बताया कि उनके बंटवारे के मामले में राजस्व न्यायालय में उनके पक्ष में निर्णय कराने के लिए 20,000 की रिश्वत की मांग की गई थी।
शिकायत के अनुसार, पहले ही 10,000 की राशि आरोपी को दी जा चुकी थी, जबकि शेष 5000 की राशि आज ली जानी थी। लोकायुक्त की टीम ने शिकायत की पुष्टि करने के बाद आरोपी को उसके कार्यालय में रिश्वत लेते हुए पकड़ा। इस ट्रैप ऑपरेशन का नेतृत्व उप पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह परिहार ने किया, जबकि निरीक्षक जियाउल हक सहित 12 सदस्यीय टीम ने इस कार्रवाई में हिस्सा लिया। फिलहाल, मामले की जांच जारी है।
मध्यप्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत रिश्वत लेने के मामले में अपर कलेक्टर, जिला मऊगंज को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश दिया है। नागरिक हितों से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अधिकारी-कर्मचारी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूर्व में भी शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी जा चुकी है कि जमीन नामांतरण, बटवारा आदि मामलों के निराकरण में गंभीरता बरतें। मध्यप्रदेश सरकार अपने नागरिकों को बेहतर, त्वरित और पारदर्शी तरीके से सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है।
सीएम ने किया अपर कलेक्टर को सस्पेंड
रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद सीएम डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर मऊगंज के अपर कलेक्टर अशोक कुमार ओहरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। सीएम ने ट्वीट कर कहा कि मध्य प्रदेश सरकार की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति है। नागरिकों के हितों से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अधिकारी-कर्मचारी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूर्व में भी शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त हिदायत दी जा चुकी है कि जमीन नामांतरण, बंटवारा आदि मामलों के निराकरण में गंभीरता बरतें। सरकार अपने नागरिकों को बेहतर, त्वरित और पारदर्शी तरीके से सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है।