रीवा जिले की रामकली ने निकाला गेट एक्जाम।
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हौसलों में जान हो तो मुश्किलें घुटने टेक देती हैं। ये साबित किया है रीवा के एक छोटे से गांव लौर की रहने वाली रामकली ने। मजदूर माता-पिता की बेटी रामकली ने सबसे मुश्किल एक्जाम गेट में बड़ी सफलता हासिल कर प्रदेश को गौरवान्वित किया। रामकली की इस उपलब्धि पर सीएम शिवराज सिंह चौहान ने फोन कर उन्हें बधाई दी और आगे की पढ़ाई का खर्च वहन करने की जिम्मेदारी ली।
रामकली कुशवाहा रीवा जिले के मनगवा तहसील क्षेत्र अंतर्गत लौर गांव की रहने वाली हैं। बचपन से ही वह पढ़ाई में होनहार छात्रा रही। माता-पिता मजदूरी कर के परिवार चलाते हैं लेकिन उन्होंने बेटी की पढ़ाई नहीं रोकी। अपने माता-पिता के संघर्ष को देखकर रामकली ने भी हर मुश्किल घड़ी में हौसले से काम किया और दिन-रात मेहनत कर गेट जैसे एक्जाम को पास कर माता-पिता का नाम रोशन किया। 17 मार्च को आए गेट के रिजल्ट में रामकली ने सिविल इंजीनियरिंग में 3290 ऑल इंडिया रैंक और एनवायरमेंटल साइंस एंड इंजीनियरिंग में 435वीं रैंक अर्जित की। रामकली की रिजल्ट आते ही पूरे लौर गांव में खुशियों का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके घर बधाइयां देने पहुंचे।
सीएम ने ट्वीट कर दी बधाई फोन पर किया संवाद
प्रदेश की बेटी से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने फोन पर बात की और उपलब्धि के लिए उन्हें बधाई दी। सीएम ने ट्वीट कर लिखा रीवा के श्रमिक पिता की होनहार बेटी रामकली कुशवाहा ने गेट-2022 में सफलता प्राप्त कर परिवार के साथ-साथ विंध्य को भी गौरवान्वित किया है। आज बेटी से फोन पर संवाद कर इस अभूतपूर्व सफलता के लिए बधाई दी। ऐसी बेटियां ही नया इतिहास रचती हैं। वहीं सीएम चौहान ने कहा कि बेटी रामकली तुम आगे बढ़ो, तुम्हारी राह में आने वाली बाधाओं को तुम्हारा मामा दूर करेगा, ऐसे ही लक्षित होकर अपने सपनों को साकार करने के लिए कार्य करो, तुम्हारे खुशहाल और उज्ज्वल भविष्य के लिए मेरी शुभकामनाएं और आशीर्वाद सदैव तुम्हारे साथ हैं। वहीं, रामकली ने सीएम चौहान से बात कर कहा कि बीटेक कर लिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से एमटेक और फिर पीएचडी करने की इच्छा जाहिर की।
