मध्य प्रदेश के रतलाम से बीजेपी सांसद गुमान सिंह डामोर को 600 करोड रुपये के हैंडपंप घोटाला मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से राहत मिली है। जस्टिस राजीव कुमार दुबे की बेंच ने अलीराजपुर जिला कोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें डामोर सहित अन्य के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारक अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज करने के निर्देश जारी किए गए थे। बेंच ने अनावेदक शिकायतकर्ता को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
झाबुआ से भाजपा सांसद गुमान सिंह डामोर पर अलीराजपुर जिले में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी में अभियंता रहते हुए 600 करोड़ रुपये के हैंडपंप घोटाले का आरोप था। अलीराजपुर के करीब 500 गांव में 600 करोड़ रुपये के हैंडपंप लगने थे। यह हैंडपंप केवल कागजों में लगे और सरकारी पैसा निकाल लिया गया। अलीराजपुर की जिला कोर्ट ने भाजपा सांसद सहित तत्कालीन कलेक्टर गणेश शंकर मिश्रा, पीएचई के कार्यपालन यंत्री डीएल सूर्यवंशी, सुधीर कुमार सक्सेना और अन्य के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध करते हुए सभी के विरुद्ध सूचना पत्र जारी किए हैं। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिका की सुनवाई करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता मनीष दत्त ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कोर्ट को बताया कि सांसद और विधायकों पर स्पेशल कोर्ट को कार्रवाई करने का अधिकार है। सांसद और विधायक के खिलाफ सिर्फ स्पेशल कोर्ट ही आदेश पारित कर सकती है। याचिका की सुनवाई के बाद कोर्ट ने उक्त आदेश जारी किये।