दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस-वे पर कई जगह सड़क पर इस तरह है उतार चढ़ाव।
केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी रतलाम से होकर गुजर रहे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे की स्थिति, निर्माण गुणवत्ता व सुरक्षा इंतजामों का निरीक्षण करने के लिए बुधवार सुबह दिल्ली से रवाना हो गए। वे पहले आठ जुलाई की रात रतलाम में रात्रि विश्राम करने वाले थे, लेकिन उनके दौरा कार्यक्रम में फेरबदल हुआ है और नए दौरा कार्यक्रम के अनुसार वे अब मंदसौर जिले के गरोठ क्षेत्र में रात्रि विश्राम करेंगे।
जानकारी के अनुसार एक्सप्रेस-वे मध्य प्रदेश के 244 किलोमीटर क्षेत्र में होकर मंदसौर, रतलाम और झाबुआ जिलों से होकर गुजरता है। प्रदेश में एक्सप्रेस-वे पर आवागमन 27 सितंबर 2023 से शुरू हुआ और अब तक करीब साढ़े तीन वर्ष हो चुके हैं। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर आए दिन हादसे होते रहते हैं। पिछले तीन साल में करीब साढ़े नौ सौ हादसे हो चुके हैं, इनमें 66 लोगों की मौत हो चुकी है। हादसों का मुख्य कारण तेज गति व लापरवाही से वाहन चलाना बताया जाता है। वहीं सुरक्षा इंतजाम बेहतर नहीं होना भी हादसों के कारणों में से एक कारण है। अनेक जगह सड़क पर उतार-चढ़ाव, मौत और सड़कों का आमान्य ढलान है।
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एक्सप्रेस-वे पर दोपहिया वाहन प्रतिबंधित हैं, लेकिन दोपहिया वाहन भी दौड़ते रहते हैं और कभी-कभी श्वान व पशु भी एक्सप्रेस-वे पर आ जाते हैं। वहीं रतलाम जिले के शिवगढ़ व रावटी थाना क्षेत्र में वाहनों पर पथराव की घटनाएं व लूट की वारदातें भी होती रहती हैं। एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की गति निर्धारित है, लेकिन वाहन चालक इसका पालन नहीं करते। ट्रकों के लिए 80, बसों के लिए 100 व कार, जीप आदि हल्के वाहनों के लिए 120 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति निर्धारित है, इसके लिए जगह-जगह बोर्ड भी लगे लगे हैं, लेकिन अधिकांश चालक इसका पालन नहीं करते। विशेषकर अनेक कार चालक 125 से 150 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से भी कार चलाते हैं। बताया जाता है कि राजस्थान के दौसा जिले में पिछले दिनों हुए भीषण सड़क हादसे के बाद एक्सप्रेस-वे की गुणवत्ता व सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल खड़े हो गए है। इसके बाद ही केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का एक्सप्रेस-वे का निरीक्षण करने का प्रोग्राम बना है।
रतलाम में की जा रही तैयारियां रोकी
पहले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का बुधवार रात रतलाम पहुंचकर पहुंचकर रात्रि विश्राम करने का प्रोग्राम आया था और यहां से वे 9 जुलाई की सुबह गुजरात के लिए रवाना होने वाले थे। उनके रतलाम आगमन को लेकर तैयारियां प्रारंभ कर दी गई थीं। उनके साथ मुख्यमंत्री मोहन यादव के आने की भी संभवना थी। उनके आगमन पर भाजपना नेताओं व प्रशासन द्वारा जावरा में जावरा-उज्जैन ग्रीनफिल्ड फोरलेन निर्माण के भूमिपूजन कार्यक्रम जावरा के पास अरनिया पीथा मंडी प्रांगण में आयोजित करने की योजना थी। आयजोन की तैयारियां करने के लिए बुधवार सुबह जावरा विधायक डॉ. राजेंद्र पंडे, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, कलेक्टर मिश्रा सिंह व एसपी अमित कुमार तथा अन्य अधिकारी मंडी पहुंचे, लेकिन इसी बीच पता चला कि केंद्रीय मंत्री नितिनि गडकरी का जावरा रुकने का शेडयूल नहीं है, इस कारण फिर आयोजन निरस्त कर दिया गया और तैयारियां रोक दी गईं।