शहर के स्टेशन रोड थाना क्षेत्र स्थित होटल अंजता पैलेस में विदेशी नागरिकों के ठहरने की सूचना पुलिस को निर्धारित समय सीमा में नहीं देने के मामले में पुलिस ने होटल संचालक और मैनेजर के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, करीब छह माह पहले चार चीनी नागरिक होटल अंजता पैलेस में लगभग 34 दिनों तक ठहरे थे। नियमों के तहत किसी भी होटल प्रबंधन को विदेशी नागरिक के ठहरने की सूचना 24 घंटे के भीतर स्थानीय पुलिस को देना अनिवार्य है। साथ ही निर्धारित समयावधि में ऑनलाइन सी-फॉर्म (C-Form) भी अपलोड करना होता है।
पुलिस जांच में सामने आया कि होटल प्रबंधन ने न तो स्थानीय थाने को सूचना दी और न ही विदेशी नागरिकों का विवरण ऑनलाइन दर्ज किया। हैरानी की बात यह रही कि चीनी नागरिक 34 दिन तक होटल में ठहरे रहे, लेकिन पुलिस के खुफिया तंत्र को भी इसकी जानकारी नहीं मिल सकी।
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करीब पांच माह बाद पुलिस को इस संबंध में जानकारी मिली। इसके बाद एसपी कार्यालय से स्टेशन रोड थाने को जांच के निर्देश दिए गए। जांच में पता चला कि मिस्टर यांग झोंगफू, मिस्टर शू हू, मिस्टर झी गुआंगजियन और मिस्टर लियू यान बिजनेस वीजा पर भारत आए थे। वे मशीनरी से जुड़े किसी कार्य के सिलसिले में 17 दिसंबर 2025 से 20 जनवरी 2026 तक रतलाम के होटल अंजता पैलेस में ठहरे थे।
विदेशी नागरिकों के ठहरने संबंधी कानूनी प्रावधानों का पालन नहीं करने पर पुलिस ने होटल संचालक डॉ. सुभाष अग्रवाल और मैनेजर शिवसिंह राठौर के खिलाफ आप्रवास एवं विदेशी विषयक अधिनियम-2025 की धारा 20(1) सहपठित धारा 23(बी) के तहत मामला दर्ज किया है। मामले के जांच अधिकारी एएसआई एम.एल. मकवाना ने बताया कि दोनों आरोपियों को नोटिस जारी कर बयान दर्ज किए जाएंगे। जांच पूरी होने के बाद न्यायालय में चालान पेश किया जाएगा।