कार्यक्रम में दीप प्रज्ज्वलित करते सीएम मोहन यादव।
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चार लाख से अधिक हितग्राहियों को मिला 3861 करोड़ रुपये का ऋण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीजनल इंडस्ट्री, स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट (राईस) कॉन्क्लेव में प्रदेश के 4 लाख से अधिक हितग्राहियों को स्व-रोजगार के लिए 3861 करोड़ रूपए की ऋण राशि सिंगल क्लिक के जरिए उनके खातों में हस्तांतरित की। मुख्यमंत्री ने 6000 करोड़ रूपए से अधिक निवेश करने और 17600 से अधिक रोजगार प्रदान करने वाली 35 वृहद औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटन पत्र भी प्रदान किए। साथ ही 2012 करोड़ रूपए से अधिक लागत की 94 औद्योगिक इकाइयों और क्लस्टर्स का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने सिंगल क्लिक के जरिए ही 288 एमएसएमई इकाइयों को 270 करोड़ रूपए की प्रोत्साहन राशि और 140 वृहद औद्योगिक इकाइयों को 425 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता राशि हस्तांतरित की। मुख्यमंत्री ने 538 एमएसएमई इकाइयों को भू-खंड आवंटन पत्र भी प्रदान किए।
हमारी नीति है जहां कॉन्क्लेव करते हैं, वहां इंडस्ट्री का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी करते हैं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी नीति है कि जहां कॉन्क्लेव करते हैं, वहां इंडस्ट्री का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी करते हैं। राइज कॉन्क्लेव नए उद्यमी तैयार करने का अभिनव प्रयास है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीवा, सागर, अलीराजपुर, धार, रतलाम के उद्यमियों एवं जनप्रतिनिधों से वर्चुअली संवाद किया। यहां फूड प्रोसेसिंग, टैक्सटाइल, डेयरी इंडस्ट्री, विद्युत उपकरण निर्माण यूनिट स्थापित करने वाले उद्यमियों से जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एसआरएफ ग्रुप को भूमि आवंटन के लिए लेटर ऑफ इंटेंट प्रदान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आजीविका स्वसहायता समूहों को ऋण राशि के चेक भी वितरित किए।
सीएफसी का लोकार्पण एवं भूमिपूजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमएसएमई विभाग अंतर्गत 73.43 हेक्टेयर के 104 करोड़ रुपए की लागत से तैयार होने वाले 10 राज्य क्लस्टर एवं अलीराजपुर सीएफसी का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। साथ ही एमएसएमई विभाग के अंतर्गत निवाड़ी, आगर मालवा एवं रायसेन जिले के नवीन डीटीआईसी कार्यालयों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग-एमपीआईडीसी के अंतर्गत 80.26 हेक्टेयर रकबे में 61.26 करोड़ की लागत से तैयार होने वाले नवीन औद्योगिक क्षेत्र, सेमरी कांकड़, जिला मंदसौर का भूमि-पूजन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 202 करोड़ रुपए की लागत के 8 विकास कार्यों का लोकार्पण कर रतलाम जिलों को अनुपम सौगातें दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कौशल विकास विभाग द्वारा 263 आकांक्षी युवाओं को रोजगार के ऑफर लेटर भी प्रदान किए। साथ ही एमएसएमई विभाग अंतर्गत उद्यमियों को भूमि आवंटन पत्र प्रदान किए।
एमएसएमई विभाग एवं वॉलमार्ट कम्पनी के बीच समझौता
कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में एमएसएमई विभाग एवं वॉलमार्ट कम्पनी के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) का आदान-प्रदान भी हुआ। इस एमओयू के बाद अब छोटे उद्यमियों को अपने उत्पादों के लिए बेहतर मार्केट कनेक्टिविटी मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एमएसएमई विभाग द्वारा प्राकशित सफल उद्यमी-समृद्ध प्रदेश पुस्तिका, (कौशल विकास विभाग) द्वारा प्रकाशित आईटीआई एंड इंडस्ट्री कनेक्ट पत्रिका एवं युवा संगम ब्रोशर का विमोचन भी किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी अनेक सौगातें
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने 4.15 लाख से अधिक हितग्राहियों को 3861 करोड़ रुपये का ऋण वितरण। सीएम ने 140 औद्योगिक इकाइयों को 425 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता। एमएसएमई की 880 औद्योगिक इकाइयों को 269 करोड़ रूपये की वित्तीय सहायता प्रदान की। एमएसएमई विभाग अंतर्गत 329 हेक्टेयर के 242 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाले 16 नवीन औद्योगिक क्षेत्रों का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण किया।एमएसएमई विभाग अंतर्गत 73.43 हेक्टेयर के 104 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाले 10 राज्य क्लस्टर एवं अलीराजपुर सीएफसी का भूमि-पूजन एवं लोकार्पण किया। एमएसएमई विभाग अंतर्गत निवाड़ी, आगर-मालवा, रायसेन के नवीन डीटीआईसी कार्यालयों का लोकार्पण किया। एमपीआईडीसी अंतर्गत 80.26 हेक्टेयर के 26 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाले नवीन औद्योगिक क्षेत्र सेमरी कांकड़ जिला मंदसौर का भूमि-पूजन किया। रतलाम जिले में लोक निर्माण विभाग के 222 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री ने 263 आकांक्षी युवाओं को रोजगार ऑफर लेटर का वितरण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि एमएसएमई विभाग द्वारा नवीन नियम-2025 लागू होने के पश्चात ऑनलाइन पारदर्शी हुआ। 250 करोड़ से अधिक का निवेश हुए। 10 हजार से अधिक रोजगार सृजन करने वाली 538 इकाइयों को भूमि-आवंटन। एमपीआईडीसी द्वारा 6 हजार करोड़ से अधिक निवेश करने वाली एवं 17 हजार 600 से अधिक रोजगार देने वाली 35 औद्योगिक इकाइयों को आशय-पत्र का वितरण किया गया। कॉन्क्लेव में मंदसौर के सांसद सुधीर गुप्ता, विधायक दिलीप सिंह परिहार, विधायक चिंतामन मालवीय,गुमान सिंह सोलंकी, डॉ. राजेन्द्र पाण्डे मौजूद रहे। कॉन्क्लेव में विजन इंडिया के राजीव सिंह सहित बड़ी संख्या में उद्योगपति, निवेशक और अन्य हितधारक भी शामिल हुए। उन्होंने आयोजन के दौरान 'द गोल्डन रूट टू स्किल, स्केल एंड एंटरप्रेन्यूरियल सक्सेस' विषय पर विचार साझा किए।