जिले के पिपलौदा थाना क्षेत्र के ग्राम कंचनखेड़ी में 75 वर्षीय किसान नाथूलाल चौधरी की हत्या के करीब ढाई साल पुराने बहुचर्चित मामले में जावरा न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश जावरा जंगबहादुर सिंह राजपूत की अदालत ने निलंबित पिपलौदा जनपद पंचायत उपाध्यक्ष और कांग्रेस समर्थित नेता सुरेश जाट समेत आठ आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। सभी दोषियों पर कुल 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
मामला पुरानी रंजिश से जुड़ा बताया गया है। आरोप है कि वर्ष 2022 में नाथूलाल चौधरी के बेटे धर्मेंद्र चौधरी के साथ मारपीट के मामले में नाथूलाल गवाह थे। उनकी कोर्ट में गवाही होने से ठीक एक दिन पहले आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल नाथूलाल की इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
विशेष लोक अभियोजन अधिकारी अमित कुमार छारी के अनुसार फरियादी विकास चौधरी ने पिपलौदा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के मुताबिक 24 जनवरी 2024 को सुबह करीब 11 बजे नाथूलाल चौधरी गांव स्थित अपने खेत की ओर जा रहे थे। इसी दौरान विकास चौधरी और उसके मामा जितेंद्र जाट अपने खेत में गेहूं की फसल की सिंचाई के लिए पाइप ठीक कर रहे थे। तभी उन्हें शोर सुनाई दिया। मौके पर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि सुरेश जाट, राहुल जाट, कपिल जाट, सुभाष जाट, विकास जाट, बलराम जाट, अवतार सिंह जाट और विक्रम जाट नाथूलाल के साथ मारपीट कर रहे थे।
आरोपियों के पास लोहे की टामी, पाइप, लाठी और डंडे थे। विकास और अन्य लोगों को अपनी ओर आते देखकर आरोपी मौके से भाग गए। गंभीर रूप से घायल नाथूलाल को पहले जावरा के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज रतलाम रैफर किया गया, जहां 3 फरवरी 2024 को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पुलिस ने शुरुआत में मामले में हत्या के प्रयास सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया था। नाथूलाल की मौत के बाद मामले में धारा 302 जोड़ी गई। जांच पूरी करने के बाद पुलिस ने आठों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने सभी आठों आरोपियों को दोषी माना और धारा 302/149 के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा धारा 148 के तहत तीन-तीन वर्ष के सश्रम कारावास की सजा भी सुनाई गई।
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दोषी ठहराए गए आरोपियों में सुरेश जाट (42), राहुल जाट (30), कपिल जाट (27), विकास जाट उर्फ भूरा (24), सुभाष जाट (30), बलराम जाट (34), अवतार सिंह जाट (32), विक्रम जाट (34) शामिल हैं। सभी आरोपी ग्राम कंचनखेड़ी के निवासी बताए गए हैं। मामले की शुरुआत वर्ष 2022 में हुई थी। नाथूलाल चौधरी के बेटे धर्मेंद्र चौधरी ने नल-जल योजना की रसीद और आरटीआई के माध्यम से जानकारी मांगी थी। इसी को लेकर 5 सितंबर 2022 को ग्राम कंचनखेड़ी स्थित तेजाजी मंदिर परिसर में तत्कालीन पिपलौदा जनपद पंचायत उपाध्यक्ष सुरेश जाट और उसके साथियों ने धर्मेंद्र के साथ मारपीट की थी।
धर्मेंद्र ने इस मामले में पिपलौदा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। इस प्रकरण में उसके पिता नाथूलाल चौधरी गवाह थे और 25 जनवरी 2024 को उनकी कोर्ट में गवाही होनी थी। आरोप है कि गवाही से ठीक एक दिन पहले यानी 24 जनवरी को नाथूलाल पर हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल नाथूलाल की उपचार के दौरान मौत के बाद मामला हत्या में बदल गया।
नाथूलाल की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया था। प्रदर्शनकारियों ने आरोपी सुरेश जाट के घर के सामने नाथूलाल का शव रखकर कार्रवाई और कथित अवैध अतिक्रमण हटाने की मांग की थी। इसके बाद प्रशासन ने आरोपी सुरेश जाट के पशु बांधने के लिए बने मकान को बुलडोजर से ध्वस्त किया था।
प्रकरण में शासन की ओर से अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी विजय कुमार पारस और विशेष लोक अभियोजन अधिकारी अमित कुमार छारी ने पैरवी की। न्यायालय के फैसले के बाद करीब ढाई साल पुराने इस हत्याकांड में आठों आरोपियों को उम्रकैद की सजा हुई है।