शहर के विरियाखेड़ी क्षेत्र में 13 वर्षीय स्कूली छात्र सन्नी डामोर पिता मोहन डामोर निवासी विरियाखेड़ी एक निजी स्कूल में कक्षा आठवीं में पढ़ता था। उसके पिता राम मंदिर क्षेत्र में मिठाई की दुकान पर काम करते हैं तथा मां लोगों के घरों पर काम करने जाती है। माता-पिता सुबह करीब आठ बजे काम करने चले गए थे। सन्नी घर पर अकेला था। उसे सुबह 10 बजे स्कूल जाना था, लेकिन वह स्कूल नहीं गया। दोपहर करीब दो बजे उसकी मां काम से घर लौटी तो सन्नी घर के हाल की चौखट पर फांसी के फंदे पर लटका हुआ था।
बेटे को फांसी के फंदे पर लटका देखकर मां घबरा गई और पति व अन्य परिजन को सूचना दी। कुछ ही देर में पति व आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। सन्नी को फंदे से उतारकर पिता व अन्य लोग अस्सी फीट रोड स्थित एक निजी अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक सन्नी की मौत हो चुकी थी। डॉक्टर ने परीक्षण कर उसे मृत घोषित किया। इसके बाद उसका शव पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भिजवाया गया। शाम करीब पांच बजे पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। पुलिस ने मेडिकल कॉलेज व सन्नी के घर पहुंचकर परिजन व अन्य लोगों से जानकारी ली। शाम होने के चलते पोस्टमार्टम नहीं कराया जा सका। पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम गुरुवार सुबह कराया जाएगा।
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इकलौता पुत्र था, कारण नहीं चल पता
जानकारी के अनुसार सन्नी डामोर परिवार का इकलौता पुत्र था। उसके एक भाई की करीब डेढ़ वर्ष पहले मृत्यु हो चुकी थी। सुबह मां उसका टिफन बनाकर गई थी, लेकिन सन्नी स्कूल नहीं गया। पिता ने सुबह करीब 11 बजे फोन लगाकर उससे बात की थी तथा पूछा था कि स्कूल क्यों नहीं गया तो उसने स्कूल जाने से मना कर दिया था। सन्नी के घर पर उसकी ममेरी बहन भी रहकर पढ़ाई कर रही है, लेकिन वह भी घटना के समय घर पर न होकर स्कूल गई हुई थी। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक रूप से प्रतीत होता है कि सन्नी द्वारा आत्महत्या की गई है। मामले की जांच की जा रही है। वह स्कूल क्यों नहीं गया और उसने आत्महत्या क्यों की, यह जांच के बाद ही पता चल पाएगा।