उज्जैन लोकायुक्त की टीम ने नामली निवासी सुरेश पाटीदार की शिकायत पर मंगलवार दोपहर रतलाम के दीनदयाल नगर थाना के पास सागोद रोड स्थित वन विभाग कार्यालय परिसर में वनपाल बृज बिहारी लाल पुष्कर को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
उज्जैन लोकायुक्त इंस्पेक्टर दीपक सेजवार ने जानकारी देते हुए बताया कि 19 जनवरी को रतलाम जिले के नामली निवासी सुरेश पाटीदार ने लोकायुक्त कार्यालय उज्जैन पहुंचकर लोकायुक्त एसपी अनिल विश्वकर्मा के समक्ष शिकायत दर्ज करवाई थी कि वह नामली में लकड़ी की टाल का संचालन करते है, जिसका लाइसेंस भी उनके पास है। उसके बावजूद क्षेत्र के वनपाल बृज बिहारी लाल पुष्कर द्वारा लकड़ी को काटकर बेचने का झूठा आरोप लगाते हुए 15 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। रुपये नहीं देने पर वनपाल पिछले दो महीने से झूठे केस में फंसाने की धमकी दे रहा है। इसके बाद लोकायुक्त एसपी ने लोकायुक्त डीएसपी सुनील तालान और इंस्पेक्टर दीपक सेजवार के नेतृत्व में टीम गठित कर शिकायत की सत्यता की जांच करवाई।
शिकायत सही पाए जाने पर मंगलवार को उज्जैन लोकायुक्त डीएसपी सुनील तालान एवं लोकायुक्त इंस्पेक्टर दीपक सेजवार के नेतृत्व में टीम ने रतलाम आकर 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते वनपाल को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। लोकायुक्त इंस्पेक्टर दीपक सेजवार ने फरियादी सुरेश पाटीदार को केमिकल लगे 500-500 के नोट देकर वन विभाग कार्यालय परिसर में वनपाल को बुलाकर रिश्वत देने की बात कही।
फरियादी द्वारा 500-500 के नोट कुल 15 हजार रुपये वनपाल को वन विभाग परिसर में दिए गए। वनपाल पुष्कर ने रुपये अपनी जेब में रख लिए। लेकिन उसे नोटों पर केमिकल लगे होने की भनक लगी तो रुपये जेब से बाहर निकालकर एक तरफ रख दिए। लेकिन वहां पहले से मौजूद लोकायुक्त की टीम ने पुष्कर को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। पानी से हाथ धुलाते ही केमिकल ने कलर छोड़ दिया। इस पर टीम ने वनपाल पुष्कर को गिरफ्तार कर लिया।