ऐसी मान्यता है कि 14 वर्ष के वनवास के दौरान मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने सीता और लक्ष्मण के साथ चित्रकूट के रास्ते मौजूदा मध्य प्रदेश में प्रवेश किया था। रामेश्वरम जाने से पहले राम जहां से भी गुजरे, उसे ही राम वन गमन पथ कहा गया। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद सरकार ने एक शोध समिति बनाई, जिसने एक साल तक गहन शोध के बाद अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपी। लेकिन जमीनी तौर पर काम नहीं हुआ।