बजरंग दल ने केंद्र सरकार से देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा बनने वाले तत्वों के खिलाफ सख्ती किए जाने की मांग की है। संगठन ने अपने तीन दिवसीय राष्ट्रीय अधिवेशन के अंतिम दिन रविवार को देश की आंतरिक सुरक्षा, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के साथ-साथ गोरक्षा को लेकर भी प्रस्ताव पारित किया।
प्रस्ताव में कहा गया है कि चूंकि केंद्र और उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकारें हैं, इसलिए अयोध्या में मंदिर निर्माण में देरी नहीं होना चाहिए। मंदिर निर्माण को लेकर जो भी बाधाएं हैं, उन्हें जल्द से जल्द दूर करना ही होगा।
यही नहीं देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा बनने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई किए जाने की जरूरत भी बताई गई है। माना जा रहा है कि ताजा प्रस्ताव म्यांमार से भारत में आए रोहिंग्या मुसलमानों पर ही लक्षित है, जिन्हें शरण देने के मसले पर देश का सियासी माहौल बीते कुछ दिनों से गर्म है।
बजरंग दल के इस अधिवेशन में देश भर के करीब तीन हजार प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। केरल के अलावा पूर्वोत्तर से भी प्रतिनिधियों ने अधिवेशन में शिरकत की। बैठक में यह भी संकल्प लिया गया कि मंदिर निर्माण, गोरक्षा व रोहिंग्या समेत आंतरिक सुरक्षा के मसलों पर संगठन किसी भी हाल में अपने एजेंडे से पीछे नहीं हटेगा।
संघ कार्यकर्ताओं पर हो रहे हमलों को लेकर चर्चा
अधिवेशन के दौरान केरल में आरएसएस एवं राष्ट्रवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं पर हो रहे हमलों के बारे में बातचीत हुई। तय किया गया कि पूरे देश में शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन के जरिए लोगों को बताया जाएगा कि केरल सरकार हिंदुओं के साथ बुरा बर्ताव कर रही है। इसके साथ ही राष्ट्रवाद और सामाजिक समरसता की मजबूती के लिए काम करने का भी संकल्प लिया गया।