मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में प्रचलित बाल विवाह और नातरा झगड़ा जैसी कुप्रथाओं पर विराम लगाने के लिए जिला प्रशासन लगातार कार्यशालाओं का आयोजन और नुक्कड़ नाटक जैसे कार्यक्रम का आयोजन करता आ रहा है। बाल विवाह पर वर्ष 2024 में एक ऐसी ही कार्यशाला जिला पंचायत के सभागार में भी आयोजित की गई थी, जिसमें जिले के जनप्रतिनिधि और समाजसेवी भी शामिल हुए थे। इस दौरान भाजपा के खिलचीपुर विधायक हजारीलाल दांगी ने कहा था राजगढ़ में होने वाले बाल विवाह को कहीं न कहीं जनप्रतिनिधि ही बढ़ावा दे रहे हैं। ऐसे में वर्ष 2025 के अप्रैल माह में आयोजित एक बाल सगाई के कार्यक्रम में लिफाफा देते हुए फोटो स्वयं भाजपा जिलाध्यक्ष ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स फेसबुक पर पोस्ट कर दिए। हालांकि अपने आपको ट्रोल होता हुआ देख फोटो प्रोफाइल से हटा लिए गए। अब सोशल मीडिया पर उनकी प्रोफाइल के स्क्रीन शॉट और फोटो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिस पर भाजपा जिलाध्यक्ष ने अपनी सफाई भी पेश की है।
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कुप्रथाओं को जन्म देती है बाल सगाई
अहिंसा वेलफेयर सोसाइटी के सदस्य और समाजसेवी मनीष दांगी कहते है कि हमने 50 से अधिक गांवों का सर्वे किया है। जिसमें पाया है कि जिन बच्चियों की सगाई हो जाती है, उन्हें कड़े पहना दिए जाते हैं और उन बच्चों को भी ये पता होता है कि उनकी सगाई हो चुकी है। अगर वे यदि इसे तोड़ेंगे तो उन्हें झगड़ा देना पड़ेगा। यदि बाल सगाई न हो तो ही सही है, क्योंकि ये जिले में प्रचलित बाल विवाह और झगड़ा जैसी कुप्रथाओं को जन्म देती है।