गुरुसप्तमी महामहोत्सव में दर्शन करते श्रद्धालु।
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राजगढ़ में श्री आदिनाथ राजेंद्र जैन श्वेतांबर पेढ़ी श्री मोहनखेड़ा महातीर्थ के तत्वावधान में सोमवार को गुरुसप्तमी महामहोत्सव का मुख्य आयोजन हुआ। श्रीमद्विजय राजेंद्र सूरिश्वरजी के 198वें जन्मोत्सव एवं 118वें पुण्यदिवस पर आयोजित कार्यक्रम के साक्षी बनने के लिए देशभर से 80 हजार से अधिक गुरुभक्त तीर्थ पहुंचे। गुणानुवाद सभा में मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय नौसेना के मेजर जर्नल नरपत सिंह राजपुरोहित, ब्रिगेडियर रवि मनुस्वामी, कैप्टन पी.वी. हरी, मेजर रघुराम रेड्डी, एसए भण्डारी, रामाराव नेवी, त्रिलोकचंद, अनिल सिलके, बी.एन. सुबरयन्नी कनाट आर्मी, उज्जैन संभाग के धर्मस्थ विभाग के कमिश्नर संजय गुप्ता एवं राजेन्द्रसूरि सम्मान से सम्मानित लता बोथरा उपस्थित रहे। नवम गच्छाधिपति आचार्य हितेशचन्द्र सूरिश्वरजी और मुनिमंडल और साध्वी मंडल ने निश्रा प्रदान की।
महामंत्री फतेहलाल कोठारी ने बताया प्रभुजी जिन मंदिर और दादा गुरुदेव के समाधि मंदिर का द्वारोद्घाटन छगनराज वजावत परिवार ने किया। पालना राजगढ़ निवासी संजयकुमार सुगन्धीलाल वेणीराम सराफ परिवार ने झुलाया। महाआरती देसूरी राजस्थान, मुम्बई निवासी राजेश कुमार फागणिया परिवार ने उतारी।
कतारबद्ध करते रहे बारी का इंतजार
दादा गुरुदेव की एक झलक पाने के लिए भक्त कतारबद्ध नजर आए। गुरुभक्तों ने तीर्थाधिपति प्रभु श्री आदिनाथ भगवान एवं दादा गुरुदेव की प्रतिमा की वासक्षेप पूजा, अभिषेक, प्रक्षाल, केसर पूजा करते हुए स्नात्र पूजा का विधान किया। एक घंटे से भी अधिक का समय दर्शन-पूजन में लगा।
हजारों गुरु भक्तों ने ग्रहण की प्रसादी
गुरु सप्तमी पर प्रतिवर्ष होने वाला प्रसादी वितरण इस बार भी हुआ। भोजनशाला परिसर में महिला-पुरुषों के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं की गई थीं। सराफ परिवार एवं सरेमल कपूरचंद कोठारी परिवार ने निःशुल्क चाय-नाश्ते की व्यवस्था की।
26 फरवरी तक के कार्यक्रम की हुई घोषणा
रतलाम जैन श्रीसंघ ने आचार्यश्री से रतलाम में प्रथम आचार्य पाट महोत्सव मनाने के लिए पधारने की विनती की। वहीं श्री आदिनाथ राजेन्द्र जैन श्वेतांबर पेढ़ी ट्रस्ट श्री मोहनखेड़ा तीर्थ द्वारा आचार्यश्री व मुनिमण्डल व श्रमणीवृंद के वर्ष 2025 के चातुर्मास हेतु विनती की। दोनों विनतियों पर आचार्यश्री ने प्रवचन के दौरान कहा कि 8 जनवरी को छःरिपालक यात्रा संघ हेतु रतलाम के लिए विहार करेंगे। 12 जनवरी को करमदी तीर्थ पर रहेंगे। 13 जनवरी को रतलाम में प्रवेश होगा। 22 जनवरी को दादावाड़ी जावरा में प्रवेश होगा। 23 जनवरी को जिनालय का भूमिपूजन करेंगे और 4 फरवरी को जावरा से नागेश्वर तीर्थ हेतु छःरिपालक यात्रा संघ का प्रयाण होगा। वहां से पुनः जावरा नगर में आने के बाद 13 फरवरी से 26 फरवरी तक आचार्य की द्वितीय पीठिका की साधना जावरा नगर में होगी।
हर तरफ उमड़ा जनसैलाब
सुबह से ही महातीर्थ पर गुरुदेव के दर्शन-वंदन के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ रहा था। करीब 10 बजते ही गुरु भक्तों का सैलाब उमड़ा। इंदौर अहमदाबाद हाईवे मार्ग से स्थित जय तलहटी से लेकर मोहनखेड़ा महातीर्थ के मुख्य द्वार तक हर तरफ गुरु भक्त नजर आए। पुलिस प्रशासन यातायात व्यवस्था संभालते नजर आया। वार्षिक पंचांग का विमोचन भी हुआ।