राजगढ़ मेले में महिलाओं की निजता भंग करने वाला वीडियो वायरल होने पर पुलिस ने आरोपी बबलू तंवर को गिरफ्तार किया। सोशल मीडिया ट्रैकिंग से पहचान हुई। आरोपी ने गलती स्वीकार कर माफी मांगी, पर पुलिस ने बीएनएस के तहत कार्रवाई की और निजता उल्लंघन पर सख्ती का संदेश दिया।
राजगढ़ जिले में आयोजित एक मेले के दौरान महिलाओं की निजता से खिलवाड़ का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया।
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घटना रविवार, 22 मार्च की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, “बबलू तंवर” नाम की इंस्टाग्राम आईडी से एक वीडियो अपलोड किया गया था, जिसमें मेले में आई कुछ महिलाएं वॉशरूम की ओर जाती हुई दिखाई दे रही थीं। वीडियो की प्रकृति को देखते हुए इसे महिलाओं की निजता का उल्लंघन माना गया और देखते ही देखते यह सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। स्थानीय लोगों ने इस कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए कालीपीठ थाना पुलिस ने स्वतः संज्ञान लिया। पुलिस ने तकनीकी जांच और सोशल मीडिया ट्रैकिंग के माध्यम से आरोपी की पहचान ग्राम पाटरी निवासी बबलू तंवर के रूप में की। पहचान सुनिश्चित होते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में ले लिया और थाने लाकर पूछताछ शुरू की। पूछताछ के दौरान आरोपी युवक ने अपनी गलती स्वीकार कर ली। उसने पुलिस के सामने कान पकड़कर और हाथ जोड़कर माफी मांगी तथा भविष्य में इस तरह की हरकत दोबारा न करने का आश्वासन दिया। आरोपी ने यह भी कबूल किया कि पुलिस कार्रवाई के डर से उसने वीडियो और अपनी इंस्टाग्राम आईडी को पहले ही डिलीट कर दिया था। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस तरह की हरकतें समाज में अस्वीकार्य हैं और केवल माफी मांगने से अपराध की गंभीरता कम नहीं होती।
कालीपीठ थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएसएस) की धारा 170 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। पुलिस का कहना है कि महिलाओं की निजता और गरिमा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई कर समाज में स्पष्ट संदेश देना आवश्यक है। इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने आमजन से विशेष अपील जारी की है। अधिकारियों ने कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ किया जाना चाहिए। किसी भी व्यक्ति, विशेषकर महिलाओं की अनुमति के बिना उनका वीडियो बनाना और उसे सार्वजनिक करना कानूनन अपराध है, जिसके लिए कठोर दंड का प्रावधान है।