राजगढ़ एसपी ने दी थी समझाइश
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आठ साल की थी, तब से कर रही चोरियां
पुलिस का समझाइश का असर हुआ है। एसपी सर ने कहा था कि हमसे जितना बन पड़ेगा, सबको रोजगार दिलाऊंगा। मैं सबको कहना चाहती हूं कि सब बुरे काम छोड़ दें। आशा ने बताया कि मैं भी चोरियां करती थी। मैंने यूपी, एमपी, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र में भी चोरियां की हैं। मैं आठ साल की थी, तब से चोरियां कर रही हूं। एसपी सर ने जिस तरीके से समझाया, उससे मेरा मन परिवर्तन हुआ है। मेरे घरवाले मुझे चोरी करने भेजते थे।
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हनुमान-रावण का उदाहरण देकर दी थी समझाइश
एसपी जब कड़िया गांव गए थे तो वहा कथा हो रही थी। उसी दौरान एसपी ने कहा कि गुरु महाराज बता रहे थे कि हनुमानजी भी पुलिस की तरह ही थे। वो लंका गए थे रावण को समझाने के लिए की आपने गलती कर दी है। गलती स्वीकार करो और सीता मैया को रामजी के पास वापस भेज दो। पर रावण तो रावण था, सबने समझाने का प्रयास किया पर वो नहीं माना तो लंका जल गई। इसीलिए मेरा आपसे अनुरोध है। मैं भी प्रशासन के हनुमान के रूप में हूं और आपके पास आया हूं, कृपया करके जीवन में आप आगे बढ़ें। आप दो कदम चलेंगे तो मैं 20 कदम चलने को तैयार हूं, पर आप मत मजबूर करें कि हमें कुछ कठोर कदम उठाना पड़े। ऐसी कई चोपाल के बाद अपराधियों मे डर व्याप्त है और लोग चोरिया छोड़ मुख्य धारा मे आना चाहते हैं।
लोगों को भी सलाह
आशा ने बताया कि वह यह सब कुछ छोड़ना चाहती है और मुख्य धारा में जुड़ना चाहती है। वही उसने अन्य लोगों से भी अपील की है कि गलत काम छोड़कर अच्छा काम करें।