राजगढ़ जिले के पचोर थाना क्षेत्र अंतर्गत सुल्तानिया गांव में अतिक्रमण विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। गांव के सरपंच जितेंद्र मालवीय पर हुए जानलेवा हमले के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। गंभीर रूप से घायल सरपंच ने इस हमले के पीछे राज्य मंत्री का हाथ होने का आरोप लगाया है, जिससे मामला अब राजनीतिक रंग भी लेता नजर आ रहा है।
अचानक कुछ अज्ञात हमलावरों हमला बोल दिया
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुल्तानिया गांव में बीते कुछ समय से जमीन और अतिक्रमण को लेकर विवाद चल रहा था। इसी बीच अचानक कुछ अज्ञात हमलावरों ने सरपंच जितेंद्र मालवीय को निशाना बनाते हुए उन पर हमला कर दिया। हमले में सरपंच गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद ग्रामीणों की मदद से उन्हें नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
क्या रंजिश से जुड़ी है विवाद की कड़ी?
घटना के बाद घायल सरपंच ने मीडिया और पुलिस को दिए बयान में राज्य मंत्री गौतम टेटवाल पर सीधे आरोप लगाए हैं। सरपंच का कहना है कि उन्होंने मंत्री के खिलाफ कोर्ट में जाति प्रमाण पत्र से संबंधित मामला दायर किया हुआ है। इस मामले के चलते उन्हें लगातार दबाव बनाया जा रहा था और अप्रत्यक्ष रूप से धमकियां भी मिल रही थीं। सरपंच का आरोप है कि इसी रंजिश के चलते उनके ऊपर यह हमला कराया गया है।
पचोर थाना पुलिस हरकत में आई
गौरतलब है कि राज्य मंत्री गौतम टेटवाल का नाम हाल ही में एक अन्य विवाद में भी सामने आया था, जिसमें एक शिक्षक द्वारा मंत्री पर धमकी देने के आरोप लगाए गए थे। ऐसे में एक के बाद एक सामने आ रहे आरोपों ने मंत्री की कार्यशैली और विवादों को लेकर चर्चाओं को और तेज कर दिया है। वहीं, इस गंभीर घटना की सूचना मिलते ही पचोर थाना पुलिस हरकत में आई और मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर साक्ष्य जुटाए हैं और आसपास के लोगों से पूछताछ भी की जा रही है। प्रारंभिक स्तर पर हमलावरों की पहचान नहीं हो सकी है, लेकिन पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी।
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दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग
पुलिस के अनुसार, मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और सरपंच द्वारा लगाए गए आरोपों को भी गंभीरता से लिया गया है। साथ ही, घटना से जुड़े हर पहलू की गहनता से जांच की जा रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके। घटना के बाद सुल्तानिया गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में तनाव का माहौल बन गया है। ग्रामीणों में आक्रोश देखा जा रहा है और वे दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन द्वारा क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अतिक्रमण को लेकर पहले भी विवाद होते रहे हैं, लेकिन इस तरह की हिंसक घटना पहली बार सामने आई है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और सरपंच के बयान के आधार पर विभिन्न पहलुओं को खंगाला जा रहा है।