Rajgarh: मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत प्रदेशभर की आशाओं को ग्रामीणों के आयुष्मान कार्ड बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में वे ये काम करने में सक्षम नहीं है। क्योंकि उन्हें इसमें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिसको लेकर राजगढ़ जिले की सभी आशाएं शुक्रवार को एकजुट हुई और ज्ञापन के माध्यम से राजगढ़ कलेक्टर हर्ष दीक्षित को अवगत कराया।
राजगढ़ जिले की सभी आशाएं, आशा उषा सहयोगी संगठन की प्रदेश उपाध्यक्ष ममता खींची के नेतृत्व में राजगढ़ जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट कार्यालय में एकत्रित हुई और राजगढ़ कलेक्टर हर्ष दीक्षित के नाम मौजूदा अधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए आयुष्मान कार्ड बनाने में उन्हें आ रही परेशानियों से रूबरू कराया गया है। वहीं मीडिया से बात करते हुए आशा उषा सहयोगी संगठन की प्रदेश उपाध्यक्ष ममता खींची ने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए जो दबाव डाला जा रहा है, उसी के लिए हम यहां ज्ञापन देने के लिए आए हैं।
विज्ञापन
समय से हो भुगतान
उन्होंने बताया कि आशा कार्यकर्ता ऑनलाइन कार्य करने में सक्षम नहीं है, क्योंकि न तो गांव में नेटवर्क होते है और न ही उनकी शैक्षणिक योग्यता इतनी है कि वे एप की जटिल प्रक्रिया को हैंडल कर सके, जबकि इसके पूर्व में भी जो आयुष्मान कार्ड बनाए गए है उनका भी भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारी मांग है हम आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए ग्रामीणों को जागरूक करने का कार्य कर सकते है, लेकिन ऑनलाइन कार्य नहीं। उसके लिए गांव में एक ऑपरेटर बैठाकर यह कार्य किया जाए और समय से हमारे मानदेय का भुगतान किया जाए।