दबंगों की शिकायत लेकर पहुंचे ग्रामीण
- फोटो : अमर उजाला
राजगढ़ जिले में गरीब किसानों और दलितों की भूमि पर अवैध रूप से दबंगों द्वारा किए गए कब्जे की शिकायतें लगातार देखने को मिलती रही हैं। वहीं, अब शासन की ज़मीन पर भी दबंगों द्वारा कब्ज़ा किया जा रहा है, जिसकी सुध जिले को जिम्मेदारों को नहीं है। ऐसे में ग्रामीणों के द्वारा लगातार शिकायत करने के बावजूद भी शासन की ज़मीन दबंगों के कब्जे से मुक्त नहीं करवाई जा रही है। ऐसा ही एक मामला राजगढ़ जिले के कालीपीठ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लहरचा गांव का है, जहां गांव के ही दबंगों के द्वारा बंदूक की नोंक पर शासन की ज़मीन पर कब्ज़ा किया गया है, जिसमें वे फसल बोवनी का कार्य कर रहे हैं। ऐसे में ग्रामीणों के मवेशियों के चरने के लिए गांव में पर्याप्त स्थान भी नहीं है।
मंगलवार को ग्रामीण कलक्ट्रेट में दबंगों के हाथ में बंदूक वाले फोटो लेकर शिकायत करने पहुंचे थे, जिन्होंने बताया कि हम सभी लहरचा गांव से हैं और ये हमारे गांव के दबंग लोग हैं, जिन्होंने शासन की लगभग 90 बीघा जमीन पर अवैध रूप से कब्ज़ा किया हुआ है, जिन्हें समझाने पर हमें तलवार व बंदूक दिखाकर डराया जाता है। जबकि गांव में एक भी बंदूक का लाइसेंस जारी नहीं किया गया है। हमने कई बार इस बात की शिकायत की लेकिन न तो हमारी पुलिस सुनती है न एसपी साहब सुनते हैं और न ही कलेक्टर साहब। शासकीय भूमि पर किए गए कब्जे के कारण हमारे पालतू जानवरों के चरने के लिए जगह भी नहीं बची है और न ही गौशाला की गायों के चरने के लिए जगह है। यदि समय रहते शासन-प्रशासन के द्वारा उचित कार्रवाई नहीं की गई तो गांव में अशांति फैल सकती है।
वहीं, राजगढ़ के नायब तहसीलदार कुलदीप जैन से मामले को लेकर बात की गई तो उन्होंने भी इस बात को माना कि ग्रामीणों के द्वारा शनिवार को भी समस्या से सम्बन्धित शिकायत की गई थी और मंगलवार को दोबारा से ग्रामीण आरोपियों के बंदूक वाले फोटो लेकर जनसुनवाई में पहुंचे थे, जिसमें हमारे द्वारा आरोपियों पर बॉन्ड ओवर की कार्रवाई की जायेगी, ताकि गांव में किसी भी तरह की अशांति न फैले। वहीं लाइसेंस शाखा के प्रभारी ओमप्रकाश परमार से गांव में बंदूक लाइसेंस जारी करने संबंधित जनाकारी ली गई, तो उन्होंने कहा कि गांव में किसी के नाम से कोई बंदूक का लाइसेंस जारी नहीं किया गया है।