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रायसेन जेल वारदात: कैदी ने प्रहरी पर चलाई गोली; जेल के अंदर कट्टा पहुंचने पर उठे सवाल; अधीक्षक निलंबित

Wed, 02 Sep 2026 11:39 AM IST
रायसेन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायसेन

सार

रायसेन जिला जेल में बुधवार सुबह करीब 9 बजे हत्या के मामले में बंद विचाराधीन कैदी नीलेश ठाकुर उर्फ नीलेश निर्वेदी ने जेल प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर पर कथित तौर पर देसी कट्टे से फायर कर दिया। गोली प्रहरी की कमर के नीचे से होते हुए पीठ के ऊपरी हिस्से में जा धंसी और फेफड़े के निचले हिस्से में फंस गई। घटना के बाद रायसेन जेल अधीक्षक को निलंबित कर दिया गया। 
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रायसेन जेल में फिल्मी अंदाज में फायरिंग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मध्य प्रदेश के रायसेन जिले की जिला जेल में बुधवार सुबह करीब 9 बजे उस वक्त हड़कंप मच गया, जब हत्या के मामले में बंद एक विचाराधीन कैदी ने जेल प्रहरी पर देसी कट्टे से फायर कर दिया। गोली जेल प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर की कमर के नीचे से होते हुए पीठ के ऊपरी हिस्से में जा लगी और शरीर के अंदर फंस गई। गंभीर रूप से घायल प्रहरी को पहले जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार और एक्स-रे के बाद उनकी हालत नाजुक देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें एम्स भोपाल रेफर कर दिया।

रक्षाबंधन कार्यक्रम के लिए फलों की टोकरी लेकर पहुंचा था कैदी

बताया जा रहा है कि बुधवार को जिला जेल में स्कूली बच्चों के साथ रक्षाबंधन कार्यक्रम आयोजित होना था। इसी कार्यक्रम के लिए फल की टोकरी लेकर आरोपी कैदी नीलेश ठाकुर उर्फ नीलेश निर्वेदी मुख्य गेट पर पहुंचा था। आरोप है कि नीलेश की मंशा गेट खुलवाकर जेल से भागने की थी। जब जेल प्रहरी ने गेट खोलने से मना कर दिया तो उसने कथित तौर पर देसी कट्टा निकालकर गोली चला दी। इसके बाद उसने भागने की कोशिश की, लेकिन जेल स्टाफ की तत्परता के चलते उसे मौके पर ही पकड़ लिया गया।

हत्या और हत्या के प्रयास के मामलों में बंद है आरोपी

आरोपी नीलेश ठाकुर रायसेन जिले में बरेली के पास स्थित दिमाड़ा गांव का रहने वाला बताया जा रहा है। वह हत्या और हत्या के प्रयास के मामलों में विचाराधीन कैदी के तौर पर जिला जेल में बंद था। एसडीओपी प्रतिभा शर्मा के अनुसार, आरोपी के खिलाफ पहले से ही धारा 307 और 302 के तहत कई मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार उसका आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है।

गोली फेफड़े के निचले हिस्से में फंसी, सांस लेने में हो रही थी दिक्कत

जिला अस्पताल के डॉक्टर अभिषेक सागर ने बताया कि जेल प्रहरी दिग्विजय सिंह तोमर की पीठ के ऊपरी हिस्से में गोली लगी है। एक्स-रे में गोली फेफड़े के निचले हिस्से में फंसी हुई दिखाई दी। डॉक्टर के मुताबिक, गोली लगने के बाद फेफड़े में पानी भरना भी शुरू हो गया था, जिसके कारण घायल प्रहरी को सांस लेने में परेशानी हो रही थी। उनकी गंभीर स्थिति और जान को खतरा देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए तत्काल एम्स भोपाल रेफर किया गया।

जेल के अंदर कट्टा पहुंचने पर उठे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

घटना के बाद जिला जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतनी कड़ी सुरक्षा वाली जेल के अंदर एक विचाराधीन कैदी के पास देसी कट्टा पहुंचा कैसे? क्या हथियार जेल के अंदर किसी कर्मचारी की मिलीभगत से पहुंचा या फिर इसे बाहर से जेल के अंदर पहुंचाया गया, इसकी जांच की जा रही है। जेलों में मोबाइल फोन और नशीले पदार्थ मिलने की खबरें पहले भी सामने आती रही हैं, लेकिन अब हथियार के इस्तेमाल की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था में संभावित बड़ी चूक को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस, स्टाफ से पूछताछ

घटना के बाद पुलिस और जेल प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जेल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। इसके अलावा जेल के कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि देसी कट्टा आरोपी तक कैसे पहुंचा और घटना से पहले उसकी गतिविधियां क्या थीं। जेल अधीक्षक ने कहा है कि पूरे मामले की विभागीय जांच भी कराई जाएगी। जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ के साथ-साथ हथियार जेल के अंदर पहुंचने के स्रोत का भी पता लगाने में जुटी है।

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जेल अधीक्षक निलंबित
इस घटना के बाद जेल अधीक्षक को काम में लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। आदेश में लिखा गया कि  घटना को ध्यान में रखते हुए कार्यवाहक अधीक्षक आर. के चौरे  को जिला जेल रायसेन को मप्र. सिविल सेवा नियम- 1966 के नियम- 09 (1) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। निलंबन के समय अधीक्षक जेल मुख्यालय में रहेंगे। 

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