रायसेन जिले के देवनगर थाना क्षेत्र के बेलना महलपुर गांव में 30 वर्षीय आरती आदिवासी की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मामले में मृतका के देवर रेवाराम उर्फ हल्कू को गिरफ्तार किया गया है।
यह मामला दो दिन पहले का है। सुबह करीब 6 बजे गांव की कुछ महिलाएं शौच के लिए श्मशान घाट की ओर गई थीं। श्मशान से लगे पानी से भरे खेत में उन्हें एक महिला का शव तैरता हुआ दिखाई दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव बाहर निकलवाया, जिसकी पहचान आरती आदिवासी के रूप में हुई। पोस्टमॉर्टम में गला घोंटकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई।
जांच के दौरान पुलिस को एक अहम बात पता चली। शव मिलने से कुछ देर पहले ही रेवाराम ने डायल-112 पर फोन कर अपनी भाभी के लापता होने की सूचना दी थी। वह परिजनों के साथ आरती की तलाश का नाटक भी कर रहा था।
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पुलिस ने जब परिजनों और ग्रामीणों से पूछताछ की तो बयानों में बड़ा विरोधाभास सामने आया। ग्रामीणों ने बताया कि आरती रात करीब 2 बजे घर से निकली थी, जबकि रेवाराम ने पुलिस को बताया कि उसने आरती को रात 4:15 बजे घर से बाहर जाते देखा था। यही 2 घंटे 15 मिनट का अंतर पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग बन गया। देवनगर थाना प्रभारी के अनुसार, समय को लेकर आरोपी के बयान में बड़ा अंतर था, जिससे उस पर संदेह गहरा गया। अलग से सख्ती से पूछताछ करने पर वह टूट गया और हत्या की बात कबूल कर ली।
आरोपी ने बताया कि उसे आरती के रात में घर से बाहर जाने पर शक था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। वारदात वाली रात भी आरती के घर से निकलने पर वह रस्सी लेकर उसके पीछे गया। गांव से कुछ दूर जंगल के रास्ते में दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद गुस्से में उसने रस्सी से आरती का गला घोंटकर हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने की कोशिश की। उसने शव को श्मशान घाट के पास पानी से भरे खेत में फेंक दिया, मोबाइल पास की तलैया में फेंक दिया और हत्या में इस्तेमाल रस्सी को विदिशा रोड के पास धान के खेत में छिपा दिया। पुलिस ने तलाशी के दौरान मृतका का मोबाइल और हत्या में प्रयुक्त रस्सी बरामद कर ली है। आरोपी के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने की धाराओं में मामला दर्ज कर उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।