मालवा-राजस्थान की हो रहा बारिश के कारण चंबल में आए भयंकर उफान के कारण तीन दिनों से राज्य के मुरैना और भिंड में बाढ़ जैसे हालात हैं। दोनों जिलों के डेढ़ सौ से अधिक गांव पानी में डूब चुके हैं। मुरैना के सबलगढ़, सरायछौला, जौरा, अंबाह-पोरसा क्षेत्र में तकरीबन 100 गांवों में बाढ़ का पानी घुसने से करोड़ों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है।
वहीं, बाढ़ को ध्यान में रखते हुए अंबाह ब्लॉक के खुड़ा, महुआ, बिजला, पीपरीपुरा आदि 32 गांवों को खाली करा लिया गया है। सेना के जवान, एनडीआरएफ व पुलिस ने नावों की मदद से 30 गांवों में फंसे तीन हजार लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है।
बाढ़ के कारण अंबाह-पोरसा क्षेत्र के 20 से अधिक गांवों में अभी भी हजारों लोग घरों की छतों, ऊंचे टीलों व टापुओं पर शरण लिए हुए हैं। अंबाह में चंबल की बाढ़ में फंसे एक युवक की डूबने से मौत हो गई। भिंड के अटेर के 42 गांवों में हाईअलर्ट घोषित किया गया है।
मंगलवार को मुरैना जिले के विधायकों व अफसरों ने बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लिया। केंद्रीय मंत्री व स्थानीय सांसद नरेंद्र सिंह तोमर भी अंबाह पहुंचे और जिले की स्थिति का जायजा लिया। यह हालात मंदसौर-नीमच में तेज बारिश और कोटा बैराज से छोड़े गए पानी के कारण बने हैं। भिंड मुरैना में तो तीन दिन से बारिश ही नहीं हुई।