वित्तीय संकट से जूझ रही रेलवे के भले ही अच्छे दिन न आएं, लेकिन रेल अधिकारी अपनी सुविधाओं में कोई कमी नहीं करना चाहते। इसलिए तो अगले महीने भोपाल में होने वाली सांसदों की रूटीन बैठक में जाने के लिए अधिकारियों ने विशेष ट्रेन चलाने का इंतजाम किया है।
यह ट्रेन अधिकारियों को बैठक तक पहुंचाने और वापस लाने के लिए तैनात रहेगी। पूरे मामले की शिकायत केंद्रीय रेल मंत्री सुरेश प्रभु को भी भेज दी गई है।
उनसे मांग की गई है कि दो नवंबर को वह किसी को भोपाल भेजकर पैसे की बर्बादी रोकें। यह सांसदों के साथ होने वाली पश्चिम मध्य रेल की रूटीन बैठक है, लेकिन तैयारियों पर जिस अंदाज से पैसा खर्च किया जा रहा है, उससे रेलवे के आम कर्मचारी भी हैरान हैं।
जानकारी के मुताबिक रेलमंत्री को जन न्याय दल नामक एक संगठन ने 20 अक्टूबर को भेजी शिकायत में कहा है कि जिस बैठक में दस से ज्यादा सांसद शामिल नहीं होते, उस पर पश्चिम मध्य रेल लाखों रुपये बरबाद कर रहा है।