मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रेल बजट को मध्यप्रदेश के लिये निराशाजनक करार दिया है। उन्होंने कहा कि रेल बजट में मध्यप्रदेश की उपेक्षा हुई है।
शिवराज सिंह चौहान ने बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये कहा कि बजट मध्यप्रदेश के संदर्भ में अत्यंत निराशाजनक है। वर्ष 2012-13 के रेल बजट में गेज कन्वर्जन, नवीन रेलवे लाइन निर्माण के लक्ष्य थे, उन्हें भी पुनरीक्षित करते हुए कम कर दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल से प्रारंभ होने वाली कोई भी नई रेल प्रस्तावित नहीं की गयी। राज्य की मांग थी कि भिंड-इटावा लाइन को जल्द ही पूरा किया जाए। ग्वालियर-श्योपुरकला के मध्य ब्राडगेज लाइन, ग्वालियर-पूना रेल, ग्वालियर में रेल कोच निर्माण की फैक्ट्री, झांसी-लखनऊ इंटरसिटी का ग्वालियर तक विस्तार, अनारक्षित कोच की संख्या बढ़ाने, इंदौर-पटना एक्सप्रेस को दरभंगा तक बढ़ाने तथा इंदौर-महू रेल लाइन के विद्युतीकरण जैसी महत्वपूर्ण मांगें पूरी नहीं की गईं।
इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने बजट में मैकेनाइज्ड मोटर बोगीज रिपेयरिंग यूनिट मिसरोद और रतलाम में कौशल उन्नयन प्रशिक्षण केन्द्र खोले जाने के प्रस्ताव का स्वागत किया। साथ ही मध्यप्रदेश की अपेक्षाओं और जरूरतों की तरफ ध्यान नहीं दिए जाने पर निराशा भी व्यक्त की है। उन्होंने यह भी कहा कि रेलवे में जिस प्रकार भविष्य के विस्तार को देखते हुए पूंजी निवेश की आवश्यकता है, उस पर ध्यान नहीं दिया गया।