इंदौर से लगे महू में पुलिस की मेहनत रंग लाई। महूवासियों के सहयोग से यहीं तीसरी आंख के प्रोजेक्ट ने मूर्त रूप लिया। महू पुलिस हाईटेक हुई और शहर के 32 स्थानों पर 93 कैमरे लगाए गए। महू में इंटीग्रेटेड क्राइम कंट्रोल एंड कमांड सेंटर प्रोजेक्ट त्रिनेत्रम का शुभारंभ हुआ। पुलिस के साथ जनसहयोग की यह अनूठी मिसाल बनी।
दरअसल इंदौर जिले में स्थित महू प्रशासनिक, व्यावसायिक, आर्थिक, सामाजिक एवं राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यहां भारत की थल सेना का प्रमुख प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित है। इस कारण इसकी अलग पहचान है। साम्प्रदायिक रूप से भी महू संवेदनशील रहा है। इसलिए शहर में अपराधों पर नियंत्रण रखने व लोगों में सुरक्षा का भाव पैदा करने के मकसद से पुलिस अफसरों ने महूवासियों के साथ मिलकर कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए थे।
डीआईजी ग्रामीण रेंज चंद्रशेखर सोलंकी एवं पुलिस अधीक्षक ग्रामीण इंदौर आशुतोष बागड़ी के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महू पुनीत गेहलोद व उनकी टीम ने इसके क्रियान्वयन के लिए मई 2021 से प्रक्रिया शुरू की और अधीनस्थ अमले को निर्देश दिए कि महू के ऐसे स्थानों को चिन्हित करें जहां अपराध ज्यादा होते हैं। टीम ने शहर के 32 स्थान चिन्हित किए।
चारों दिशाओं को किया कवर
टीग्रेटेड क्राइम कंट्रोल एण्ड कमाण्ड सेंटर
- फोटो : सोशल मीडिया
पुलिस टीम द्वारा महू शहर के कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान, बैंक एवं व्यापारिक एसोसिएशन की पहल पर निरंतर उनके साथ मीटिंग की गई। उक्त प्रतिष्ठानों के सभी सदस्यों ने इस प्रोजेक्ट को मूर्तरूप देने के लिए बढ़-चढ़कर सहयोग प्रदान किया। जनसहयोग से राशि जुटाई और इस राशि से महू में चयनित 32 स्थानों पर 93 सीसीटीवी कैमरे लगाए। इस प्रोजेक्ट द्वारा सीसीटीवी कैमरों से महू की चारों दिशाओं में सिमरोल रोड पर गुजरखेडा, धार रोड पर धारनाका, मानपुर रोड पर डीएसओआई चौराहा एवं इंदौर रोड पर किशनगंज नाका तक कैमरों का जाल बिछाकर समूचे महू को कवर किया गया है ताकि अपराधों पर और अधिक सक्रियता से अंकुश लग सके।
महू थाने में प्रोजेक्ट त्रिनेत्रम को प्रारंभ कर थाना परिसर में बैठक ली गई, जिसमें इस संबंध में जानकारी दी गई। इस प्रोजेक्ट में सहयोग देने वालों का सम्मान किया गया। पुलिस ने बताया कि इस कंट्रोल रूम के माध्यम से महू शहर के लगभग प्रत्येक महत्वपूर्ण स्थान को कवर किया गया है जिसका कमांड इस कंट्रोल रूम में रहेगा और कहीं पर भी कोई अप्रत्याशित घटना या अपराध घटित होता है तो पुलिस को उसके निराकरण करने में सहायता मिलेगी और पुलिस की कार्यप्रणाली बेहतर होगी।