फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Project Cheetah: चीतों का दूसरा घर लगभग तैयार, दक्षिण अफ्रीकी विशेषज्ञ फरवरी में तैयारियों की समीक्षा करेंगे

Thu, 25 Jan 2024 09:41 PM IST
दिनेश शर्मा अमर उजाला, न्यूज डेस्क, नई दिल्ली

सार

Cheetah in MP: दक्षिण अफ्रीका का एक प्रतिनिधिमंडल गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में तैयारियों का आकलन करने के लिए फरवरी में भारत का दौरा करेगा। सबकुछ सही रहा तो चीतों का अगला जत्था लाने का फैसला हो जाएगा।
विज्ञापन
चीता - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मध्य प्रदेश में कूनो के बाद गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य चीतों का दूसरा घर होगा। चीतों के लिए ये लगभग तैयार है।  वन्यजीव विशेषज्ञों सहित दक्षिण अफ्रीका का एक प्रतिनिधिमंडल फरवरी में यहां आएगा और तैयारियों की समीक्षा करेगा। इसके बाद ही चीतों को यहां लाया जाएगा।
विज्ञापन


चीतों की देखरेख से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका का एक प्रतिनिधिमंडल गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में तैयारियों का आकलन करने के लिए फरवरी में भारत का दौरा करेगा। सबकुछ सही रहा तो चीतों का अगला जत्था लाने का फैसला हो जाएगा। बता दें कि पर्यावरण मंत्रालय में अतिरिक्त वन महानिदेशक एसपी यादव पहले ही कह चुके हैं कि चीतों के अगले जत्थे को दक्षिण अफ्रीका से आयात किया जाएगा और गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में रखा जाएगा। एक अन्य अधिकारी ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि चीतों के लिए वन्यजीव अभयारण्य तैयार करने का 90 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। गांधी सागर कुनो से लगभग छह घंटे की यात्रा दूरी पर है। यह 368 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है और इसके आसपास अतिरिक्त 2,500 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र है। 

चीता शावकों को बेहतर निगरानी के लिए बड़े बाड़ों में रखा जा रहा
कूनो राष्ट्रीय उद्यान में मौसम की स्थिति में सुधार होने तक मां चीता और उनके शावकों को जंगल में नहीं छोड़ा जाएगा। अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि नामीबिया की चीता ज्वाला ने 20 जनवरी को चार शावकों को जन्म दिया। जनवरी की शुरुआत में एक और नामीबिया के चीते आशा ने तीन शावकों को जन्म दिया। अधिकारियों ने कहा कि अन्य मादा चीतों की तुलना में ज्वाला एक जंगली जानवर है। वह मनुष्यों से बचती है और आराम करते समय भी सतर्क रहती है, जो हर समय बड़े और मजबूत शिकारियों से सावधान रहने का एक विशिष्ट चीता व्यवहार है। ज्वाला (नामीबिया का नाम सियाया) ने पिछले मार्च में चार शावकों को जन्म दिया था। तीन शावकों ने अत्यधिक गर्मी के कारण दम तोड़ दिया, जबकि एकमात्र जीवित बचे शावकों को भविष्य में जंगलों के लिए मानव देखभाल के तहत पाला जा रहा है। अधिकारी ने कहा कि मां चीता और उनके शावकों को चरम मौसम से बचने और बेहतर निगरानी के लिए बड़े बाड़ों में रखा जा रहा है, जो जंगल में मुश्किल है। अधिकारी ने कहा, "मौसम की स्थिति में सुधार होते ही हम उन्हें जंगल में छोड़ देंगे।
विज्ञापन


बता दें कि कूनो राष्ट्रीय उद्यान में वर्तमान में चीतों की कुल संख्या 21 है। इनमें छह मेल, सात फीमेल और आठ शावक हैं। जबकि जनवरी में सात शावकों का जन्म दर्ज किया गया था, इसमें 16 जनवरी को एक वयस्क नामीबिया के चीते-शौर्य की मृत्यु भी देखी गई थी। अधिकारियों ने कहा कि उन्हें शौर्य की मौत का कारण नहीं पता है क्योंकि उन्हें अभी तक उनकी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट नहीं मिली है। पिछले मार्च से, शौर्य सहित सात वयस्क चीतों की विभिन्न कारणों से मृत्यु हो चुकी है। मरने वाले सात वयस्क चीतों में साशा, उदय, दक्ष, तेजस, सूरज, धात्री और शौर्य शामिल हैं। पहली छह मौतें मार्च और अगस्त 2023 के बीच छह महीने की अवधि में हुईं।
विज्ञापन


 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें