1975 में कोली समाज के सम्मेलन में शामिल होने उज्जैन आए थे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
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देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद रविवार को उज्जैन पहुंचे और कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने पत्नी के साथ भगवान महाकाल के दर्शन किए। उज्जैन से राष्ट्रपति का खास नाता रहा है इसीलिए अपने भाषणों में राष्ट्रपति ने कहा कि उज्जैन की स्मृतियां उनके मन में बसी हैं। वे यहां की गलियों से वाकिफ हैं।
दरअसल बहुत कम लोगों को ही पता होगा कि राष्ट्रपति के विवाह में उज्जैन का खास योगदान रहा है। उज्जैन, देवास और मुरैना से सांसद रहे स्व. हुकुमचंद कछवाय ने 30 मई 1974 को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का विवाह सविता से करवाया था। सविता उस समय महानगर टेलीफोन निगम में मुख्य सेक्शन में सुपरवाइजर थीं। जब कोविंद दिल्ली अध्ययन करने आए थे तो कछवाय ने दिल्ली स्थित सरकारी बंगले 19, विंडसर पैलेस में उनके रहने की व्यवस्था भी की थी।
रविवार को जब राष्ट्रपति उज्जैन आए तो पूर्व सांसद की पत्नी रामकुमारी बाई और बेटे सुनील कछवाय को मिलने के लिए विशेष अनुमति मिली। सुनील कछवाय ने बताया कि रामनाथ कोविंद का हमारे परिवार से गहरा नाता है। अध्ययन के लिए कोविंद जब दिल्ली गए थे तो पिताजी ने सरकारी बंगले में उनके रहने की व्यवस्था की थी। उनका विवाह भी पिताजी ने कराया था। विवाह में भोजन उज्जैन के गोला मंडी क्षेत्र निवासी लादूराम एवं लालूराम नामक हलवाई ने बनाया था। मालीपुरा स्थित गोथरवाल टेलर ने उनके शादी के कपड़े सिले थे। इस बार राष्ट्रपति के रूप में वे उज्जैन आए हैं। उनके साथ पत्नी सविता और बेटी स्वाति भी हैं। स्वाति, एयर इंडिया में फ्लाइट अटेंडेंट रह चुकी हैं।
पत्नी सविता के साथ राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद
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राष्ट्रपति से मिलने की अनुमति एक दादा-पोते को भी मिली। उनके नाम सत्यनारायण पंवार और कृतिक है। पंवार, कोली समाज के पूर्व अध्यक्ष और सांसद हैं। उन्होंने बताया कि रामनाथ कोविंद और मैंने 18 राज्यों में साथ भ्रमण कर सामाजिक संगठन को मजबूत बनाया है। उनसे बहुत पुरानी मित्रता है। रामनाथ कोविंद पहले भी कई बार उज्जैन आ चुके हैं। अंतिम बार जब वे बिहार के राज्यपाल थे, तब उज्जैन महाकाल दर्शन करने आए थे। इसके पहले 28 अप्रैल 1999 को एक विवाह समारोह में आए थे और श्री माधव क्लब में पत्नी संग रुके थे। सन् 1975 में 23, 24 मई को चामुंडा माता मंदिर के पीछे हुए अखिल भारतीय कोली समाज के सम्मेलन में भी वे सम्मिलित हुए थे।