मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के निजी सचिव प्रवीण कक्कड़ आयकर विभाग की छापेमारी से फिर चर्चा में हैं। पुलिस की नौकरी छोड़ कांग्रेस नेता कांतिलाल भूरिया के निजी सचिव बने कक्कड़ पर फर्जी एनकाउंटर में शामिल होने का भी आरोप लग चुका है।
इंदौर एसटीएफ टीम में इंस्पेक्टर के पद पर तैनाती के समय प्रवीण कक्कड़ पर 14 जुलाई 2003 को एक गैंगेस्टर कमल सिसोदिया का पेटलावद-थांदला के बीच फर्जी मुठभेड़ में मारने का आरोप लगा। मामला बढ़ने पर इस मामले की जांच भी कराई गई लेकिन आज तक इस जांच का कोई नतीजा नहीं निकला।
इस मुठभेड़ में मारे गए कमल सिसोदिया की पत्नी कल्पना ने मामले को हर स्तर पर उठाया लेकिन कुछ खास असर नहीं हुआ। साल 2012-13 में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक कृष्णावेणी देसावातु ने मजिस्ट्रियल जांच की जरुरत बताई थी। लेकिन ऐसा हो न सका।
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इसके बाद आलीराजपुर में थाना प्रभारी रहने के दौरान प्रवीण कक्कड़ ने पुलिस की नौकरी छोड़ कांग्रेस नेता और सांसद कांतिलाल भूरिया के निजी सचिव के रूप में काम करना शुरू कर दिया। साल 2015 के उपचुनाव में प्रवीण कक्कड़ ने कांतिलाल भूरिया के पक्ष में खूब काम किया। जिसके बाद कमलनाथ ने उन्हें अपना ओएसडी बना लिया।