सीएम शिवराज के कार्यक्रम के दौरान बिजली गुल हुई
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देशभर में चल रहे कोयले संकट का असर मध्य प्रदेश भी दिख रहा है। सिविल सर्विसेस डे पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के संबोधन के दौरान ही बत्ती गुल हो गई। कार्यक्रम में अखिल भारतीय सेवा के आईएएस, आईपीएस और आईएफएस सेवा के प्रदेश के अधिकारी शामिल थे। मुख्यमंत्री ने इस दौरान स्वीकार किया कि प्रदेश में भी कोयले का संकट है।
भोपाल में प्रशासन अकादमी में सिविल सर्विसेस डे पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अखिल भारतीय सेवा के साथ राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को संबोधित कर रहे थे, तभी बीच में बिजली गुल हो गई। उनका माइक भी बंद हो गया। सीएम ने मंच से ही ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव का नाम लेखकर पूछा कि संजय दुबे है क्या यहां? सीएम ने कहा कि अभी कोयले का भी संकट है। मुझसे कह रहे थे कि कोयले की रैक दिलवा दो।
प्रदेश के ग्रामीण सहित कई इलाकों में अघोषित बिजली कटौती की जा रही है। प्रदेश में 12 हजार मेगावॉट बिजली की जरूरत है, लेकिन 10 हजार मेगावॉट बिजली भी नहीं मिल पा रही है। ऐसे में अधिकारियों का कहना है कि आने वाले समय में प्रदेश में बिजली संकट गहराएगा। शहरों में भी भी अघोषित बिजली कटौती होने लगेगी। बिजली कटौती का कारण थर्मल प्लांट्स चलाने के लिए पर्याप्त कोयला नहीं होना है। पॉवर जनरेटिंग कंपनी ने दूसरे राज्यों को भी बिजली बेच रही है। इससे हमारे यहां बिजली की कमी हो रही है। बिजली प्लांट में भी क्षमता के अनुसार बिजली उत्पादन नहीं हो पा रहा है।
लोक सेवक देश, प्रदेश और व्यक्ति के जीवन को बदल सकता है
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि लोक सेवक देश को बदल सकता है, प्रदेश को बदल सकता है और व्यक्ति के जीवन को बदल सकता है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में हम डरें नहीं घबराएं नहीं, बल्कि चुनौती का मजबूती से सामना किया। सिविल सर्विसेस केवल करियर नहीं है। यह देश के निर्माण का अभियान है। यह जनता की सेवा का अभियान है। पैसा कहीं ओर से भी मिल सकता था। विदेशों में भी सेवा कर सकते थे। जो दायित्व हमारे ऊपर है, उसका बेहतर क्रियान्वयन कर जनता की सेवा करने का है।
सीएम बोले हमेशा उत्साही बने रहे
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं तीन चीजें कहना चाहता हूं सदैव ध्यान रखे। जैसा कर रहे हैं उससे और बेहतर कर सकें। नई टेक्नोलॉजी से अपने आप को दक्ष बनाएं। इसके लिए ट्रेनिंग हम ले सकते हैं। दूसरा, अपने आप को कैसे बेहतर बना सकते हैं, इस पर फोकस रखे। इसके लिए प्लानिंग करें और सोचे। तीसरा, हमारा उत्साह से भरे रहे आशावादी रहें। यदि आप निरुत्साही हो गए तो फिर देश खड़ा नहीं हो सकता। आपको निराश होने का कोई हक नहीं है।