दिग्विजय सिंह ने हाईवे पर बैठी गायों की एक तस्वीर ट्वीट करते हुए कहा कि यह चित्र है भोपाल-इंदौर हाईवे का, जहां गोमाता बैठी रहती हैं और लगभग हर दिन दुर्घटनाओं में मारी जाती है। कहां हैं हमारे गोमाता के प्रेमी गोरक्षक?
उन्होंने लिखा कि मध्यप्रदेश शासन को तत्काल इन गोमाताओं को सड़कों से हटाकर गो अभ्यारण्य या गोशालाओं में भेजना चाहिए। यदि कमलनाथ जी आपने तत्काल ऐसा करके दिखा दिया तो आप सच्चे गोभक्तों में गिने जाएंगे और कथित भाजपाई नेताओं को नसीहत मिलेगी।
सीएम कमलनाथ ने दिग्विजय सिंह के ट्वीट का जवाब देते हुए कहा कि आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि मैंने अभी कुछ दिनों पूर्व ही प्रदेश के सभी प्रमुख मार्गों पर, जहां बरसात के मौसम में खेतों की मिट्टी गीली होने की वजह से गोमाता सड़कों पर आकर बैठती हैं और वाहन दुर्घटना का शिकार होती हैं, उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए अधिकारियों को एक कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं।
एक के बाद एक लगातार ट्वीट करते हुए कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश में 1000 गोशालाओं का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। अगले साल तक 3000 गोशालाएं बनाने का लक्ष्य है। गोशाला बनने के बाद ही गोमाता के सड़कों पर बैठने में कमी आएगी। मैं इसको लेकर चिंतित हूं।
कमलनाथ ने कहा कि हम शहरों को आवारा पशु मुक्त बनाने की योजना पर भी काम कर रहे हैं। यह भी सच है कि गोमाता हमारे लिए सियासत नहीं आस्था व गौरव का प्रतीक है। उनकी रक्षा के लिए जो कार्य वर्षों में नहीं हो पाए हैं, वह हम करना चाहते हैं।