भोपाल में बैरसिया की गोशाला में गायों की मौत के मामले में प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस नेता।
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भोपाल की बैरसिया तहसील के ग्राम बसई की एक गोशाला में बड़ी संख्या में गायों की मौत को मामला गरमा गया है। ग्रामीण आक्रोशित हैं। गुरुवार को इस मसले पर कांग्रेस ने सरकार को घेरा। पूर्व मंत्री पीसी शर्मा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भोपाल में प्रदर्शन किया। वे इस दौरान अपने साथ गाय भी लाए थे। उसका पूजन भी किया गया।
इस मामले में 30 जनवरी को वीडियो वायरल हुआ था। इसे लेकर बैरसिया थाना पुलिस ने गोशाला संचालक निर्मला शांडिल्य के खिलाफ धारा-269, 270 के तहत केस दर्ज किया था। एक फरवरी को निर्मला को गिरफ्तार कर रिहा किया जा चुका है। पुलिस ने गोशाला संचालक के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम की धारा-11 भी बढ़ा दी है। यह धारा भी जमानती है। बैरसिया के एसडीओपी केके वर्मा के मुताबिक गोशाला में कई दिनों से गायों की मौत हो रही थी। अंतिम संस्कार नहीं होने से मृत गायों के शव जगह-जगह बिखरे पड़े थे। 29-30 जनवरी की रात को भी गोशाला में आठ गायों की मौत हुई।
कांग्रेस ने प्रदर्शन किया
कांग्रेस ने बैरसिया में गोशाला में गायों की मौत के मामले में जांच कमेटी बनाई है। साथ ही गो संवर्धन बोर्ड के दफ्तर पर पहुंचकर प्रदर्शन भी किया। इस दौरान पीसी शर्मा के साथ अन्य कार्यकर्ताओं ने गाय की पूजा की। कांग्रेस की मांग है कि गाय की हत्या के मामले में निर्मला शांडिल्य और उनके साथियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाए। इस मामले में सीबीआई जांच की जाए या किसी मौजूदा न्यायाधीश की अध्यक्षता में जांच कराई जाए। वैसे, इस मामले में गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा पहले ही न्यायिक जांच के आदेश दे चुके हैं।
कहां गए रामेश्वर शर्मा और प्रज्ञा ठाकुर?
कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने बैरसिया की गोशाला संचालक के खिलाफ एनएसए के तहत कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि करीब 800 गायों को जेसीबी से उठाकर दफनाया गया है। भाजपा के नेता इस मामले में खामोश बने हुए हैं। गाय को गौ माता कहने वाले लोग कहां हैं? वे सड़कों पर क्यों नहीं हैं? इस कांड के बाद हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा और सांसद प्रज्ञा ठाकुर कहां गायब हैं? अल्पसंख्यक समाज भी इस घटना को लेकर पूरी लड़ाई लड़ेगा।
गोशाला संचालक को बोर्ड की क्लीन चिट
मप्र गोपालन एवं पशुधन संवर्धन बोर्ड के उपाध्यक्ष स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरि ने कहा कि बैरसिया मामले में गोशाला संचालक की कोई गलती नहीं है। भोपाल नगर निगम के लोग पूरे शहर से गायों को लाकर वहां फेंक जाते हैं। उस महिला का दोष नहीं है। उसकी गोशाला में इतना गोवंश है ही नहीं, जितनी मौतें अब तक वहां हो चुकी है। इस मामले में उस महिला की कोई गलती नहीं है।